The Lallantop

स्टेडियम में 'कुत्ता घुमाने' पर IAS रिंकू दुग्गा पर कसा शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी बहाली पर लगाई रोक

साल 2022 में IAS कपल संजीव खिरवार और उनकी पत्नी IAS रिंकू दुग्गा पर आरोप लगा कि उन्होंने कुत्ते को घुमाने के लिए स्टेडियम में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस जल्दी खत्म करवा दी थी. विवाद बढ़ा तो दोनों का दिल्ली से ट्रांसफर कर दिया गया. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

Advertisement
post-main-image
IAS संजीव खिरवार (बाएं) की पत्नी IAS रिंकू दुग्गा (दाएं) की बहाली पर SC ने रोक लगा दी है. (फोटो-ITG)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • मई 2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में IAS अधिकारी संजीव खिरवार और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा कुत्ता टहलाने के कारण खिलाड़ियों की प्रैक्टिस जल्दी खत्म करवाने के विवाद में आए थे।
  • इस विवाद के दौरान खिलाड़ियों ने शिकायत की कि उन्हें शाम 7 बजे पहले ही स्टेडियम छोड़ने का निर्देश मिला जबकि प्रैक्टिस 8:30 बजे तक चलती थी, जिससे टकराव उत्पन्न हुआ।
  • अगस्त 2023 में रिंकू दुग्गा को जबरन सेवानिवृत्ति दी गई, जिसे CAT ने रद्द किया और दिल्ली HC ने 2026 में फैसले को बरकरार रखा, पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बहाली पर रोक लगा दी है।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 2022 में एक IAS कपल अपने कुत्ते के साथ स्टेडियम के ट्रैक पर नजर आए थे. IAS कपल संजीव खिरवार और उनकी पत्नी IAS रिंकू दुग्गा पर आरोप है कि उन्होंने कुत्ते को घुमाने के लिए स्टेडियम में खिलाड़ियों की प्रैक्टिस जल्दी खत्म करवा दी थी. विवाद बढ़ा तो दोनों का दिल्ली से ट्रांसफर कर दिया गया. संजीव खिरवार को लद्दाख और रिंकू दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश भेजा गया. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. 

Advertisement
SC ने HC ऑर्डर पर लगाई रोक 

ट्रांसफर के करीब 15 महीने बाद, 7 अगस्त 2023 को रिंकू दुग्गा को केंद्र सरकार ने ‘जबरन सेवानिवृत्ति’ दे दिया. यानी उन्हें तय रिटायरमेंट उम्र से पहले ही सरकारी सेवा से हटा दिया गया. रिंकू दुग्गा ने इस फैसले को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी CAT में चुनौती दी. 8 अगस्त 2025 को CAT ने उनका रिटायरमेंट रद्द कर दिया और उनकी बहाली का रास्ता साफ कर दिया.

केंद्र सरकार इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची. लेकिन 15 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने CAT के फैसले को बरकरार रखा. यानी हाई कोर्ट के फैसले के बाद रिंकू दुग्गा की नौकरी में वापसी का रास्ता साफ हो गया था. फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.

Advertisement

7 सितंबर 2026 को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने रिंकू दुग्गा को नोटिस जारी किया और फिलहाल उनकी बहाली पर रोक लगा दी. अब मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी.

ये भी पढ़ें: 'कुत्ता टहलाने' वाले विवादित IAS संजीव खिरवार फिर विवादों में, अब क्यों हुई इस्तीफे की मांग?

2022 का पूरा विवाद क्या है?

मई 2022 में दिल्ली का त्यागराज स्टेडियम अचानक सुर्खियों में आ गया था. उस वक्त कुछ खिलाड़ियों और कोचों ने आरोप लगाया था कि वे रात करीब 8 से 8:30 बजे तक स्टेडियम की फ्लडलाइट्स में प्रैक्टिस करते थे. लेकिन उन्हें शाम करीब 7 बजे ही स्टेडियम खाली करने के लिए कहा जाने लगा.

Advertisement

फिर 26 मई 2022 को इंडियन एक्सप्रेस के फ्रंट पेज पर एक तस्वीर छपी. इसमें संजीव खिरवार और रिंकू दुग्गा अपने कुत्ते के साथ त्यागराज स्टेडियम के ट्रैक पर दिखाई दिए. इसके बाद आरोप लगा कि IAS अधिकारी के कुत्ते को घुमाने के लिए खिलाड़ियों को जल्दी प्रैक्ट‍िस खत्म करनी पड़ती थी.

हालांकि संजीव खिरवार ने इन आरोपों से इनकार किया था. उनका कहना था कि वह कभी-कभी अपने पेट (पालतू कुत्ते) को स्टेडियम लेकर जाते थे, लेकिन इससे खिलाड़ियों की ट्रेन‍िंग प्रभावित नहीं होती थी. स्टेडियम प्रशासन ने भी कहा था कि खिलाड़ियों का निर्धारित ट्रेन‍िंग टाइम शाम 7 बजे तक ही था. विवाद बढ़ा तो तत्कालीन दिल्ली सरकार ने सभी खेल सुव‍िधाओं को रात 10 बजे तक खिलाड़ियों के लिए खुले रखने का निर्देश दिया.

इसके बाद केंद्र सरकार ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी से मामले पर रिपोर्ट मांगी. कुछ ही समय बाद संजीव खिरवार का ट्रांसफर लद्दाख और रिंकू दुग्गा का ट्रांसफर अरुणाचल प्रदेश कर दिया गया. 

वीडियो: सत्य निकेतन हादसे में जिम्मेदार ‘Dog Walk’ पर ट्रांसफर झेलने वाले आईएएस संजीव?

Advertisement