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SIR के नाम पर ये मेसेज आए तो भूलकर भी 5 रुपये न दें, पूरा बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा

Fake ECI ooficial dupe Bengaluru man: कर्नाटक के बेंगलुरु में 82 साल के एक बुजुर्ग ठगी का शिकार हो गए. एक धोखेबाज ने WhatsApp पर खुद को ECI अधिकारी बताया. वोटर वेरिफिकेशन के बहाने उनसे नाम, पता, मोबाइल नंबर जैसे जानकारी ली. फिर 3.5 लाख रुपये उड़ा लिए.

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स्कैमर ने पीड़ित से कहा था कि उसका 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) फॉर्म रिजेक्ट हो गया है. (फोटो-Pexels)

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  • बेंगलुरु में 82 वर्षीय एक बुजुर्ग ने WhatsApp पर खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताने वाले धोखेबाज से 3.5 लाख रुपये की ठगी का शिकार होकर शिकायत दर्ज कराई।
  • धोखाधड़ी का कारण स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का वेरिफिकेशन फॉर्म रिजेक्ट होना बताया गया, जिसके नाम पर स्कैमर्स लोगों से निजी जानकारी और पैसे लेते हैं।
  • साइबराबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी अधिकारियों के नाम पर फोन या मैसेज पर आई पूछताछ में निजी जानकारी या भुगतान न करें और केवल आधिकारिक चैनलों से ही SIR वेरिफिकेशन कराएं।

फोन पर एक मैसेज आया, क्लिक किया, पैसा गायब... खुद को पुलिस अधिकारी बताया, पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा और अकाउंट खाली…और अब पैसे की ठगी करने वालों ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को हथियार बना लिया है. पहले डोर-टू-डोर जाकर ठगी हो रही थी. अब फोन पर खुद को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का अधिकारी बताकर लोगों को लूटा जा रहा है.

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बेंगलुरु में 82 साल के एक बुजुर्ग इसी ठगी का शिकार हो गए. एक धोखेबाज ने WhatsApp पर खुद को ECI अधिकारी बताया. वोटर वेरिफिकेशन के बहाने उनसे नाम, पता, मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां लीं. फिर 3.5 लाख रुपये उड़ा लिए.

SIR फॉर्म रिजेक्ट, दोबारा वेरिफिकेशन जरूरी  

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में छापा कि शिकायतकर्ता पार्थसारथी को 30 जुलाई की शाम को WhatsApp पर एक कॉल आया. स्कैमर ने पीड़ित से कहा कि उनका स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) फॉर्म रिजेक्ट हो गया है. दोबारा वेरिफिकेशन करना होगा.

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आरोपी ने बुजुर्ग को एक लिंक भेजकर नया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए कहा. फॉर्म में नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और पता जैसी निजी जानकारी भरने दी. पीड़ित ने यह सब फील कर फर्जी अधिकारी को भेज दिया.

स्कैमर ने पार्थसारथी को वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करने के लिए 5 रुपये की पेमेंट करने के लिए कहा. शिकायतकर्ता ने अपने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने की कोशिश की. लेकिन ट्रांजैक्शन फेल हो गया. बुजुर्ग ने आरोपी को फेल ट्रांजैक्शन के बारे में बताया.  

जिसके बाद आरोपी ने पीड़ित को एक QR कोड भेजा. कहा कि ट्रांजैक्शन करना जरूरी है. मगर उसे स्कैन करने के कुछ देर बाद ही पार्थसारथी के अकाउंट से 3.5 लाख रुपये कट गए.

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मामले की जानकारी पार्थसारथी ने जीवन भीमा नगर पुलिस को दी. 31 जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ID कार्ड की चोरी और कंप्यूटर संसाधनों का गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने के आरोप में FIR दर्ज की कई. मामले की जांच चल रही है.

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहें. अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले ऐसे दावों की आधिकारिक माध्यमों से पुष्टि कर लें.

साइबराबाद पुलिस ने किया सतर्क

साइबराबाद पुलिस ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में स्कैम से बचने की जानकारी दी है. बताया बताया कि ऑनलाइन ठग चुनाव अधिकारियी बनकर SIR वेरिफिकेशन के नाम पर लोगों की निजी जानकारी, दस्तावेज, OTP या पैसे मांग सकते हैं. मानें-

- चुनाव आयोग (EC) के अधिकारी बनकर आपसे संपर्क कर सकते हैं.

- निजी जानकारी या दस्तावेज मांग सकते हैं. 

- वेरिफिकेशन के लिए पेमेंट करने को कह सकते हैं. 

- लिंक या ऐप्स भेज सकते हैं. उन पर क्लिक न करें.

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उन्होंने साफ किया कि SIR वेरिफिकेशन सिर्फ सरकारी चैनलों के जरिए ही किया जाता है. धोखेबाजों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने सलाह दी है कि अनजान कॉलर के साथ निजी जानकारी शेयर या पेमेंट न करें. संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचे. अनजान ऐप्स डाउनलोड न करें. पुलिस ने बताया कि SIR वेरिफिकेशन के लिए कोई पेमेंट नहीं लगती है.

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