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सांसद रिकी सिंगकॉन फुटसल खेलते समय अचानक गिरे, शिलॉन्ग के अस्पताल में निधन

Shillong MP Death: 2024 में लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार शिलॉन्ग से सांसद बने थे Ricky AJ Syngkon. वे अपने दोस्तों के साथ फुटसल मैच खेल रहे थे, तभी अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और मैदान में गिर पड़े.

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शिलॉन्ग के सांसद डॉ. रिकी सिंगकॉन का निधन. (फोटो-इंडिया टुडे)

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन (उम्र 54 साल) का निधन हो गया है. गुरुवार 19 फरवरी की शाम वे फुटसल खेल रहे थे, तभी अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और वो गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. फुटसल फुटबॉल का छोटा वर्जन होता है, इसमें मैदान फुटबॉल ग्राउंड से छोटा होता है.  

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांसद रिकी सिंगकॉन शिलॉन्ग के मावलाई मावियोंग इलाके के एक मैदान में अपने दोस्तों के साथ मैच खेलने गए थे. खेल के दौरान ही वे मैदान में गिर पड़े. उनके दोस्त उन्हें पास के मावियोंग कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले गए. हालांकि यहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. जिसके बाद उन्हें डॉ. एच गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल ले जाया गया. 

अस्पताल में इलाज के दौरान ही रात करीब 8 बजकर 42 मिनट पर सांसद का निधन हो गया. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि कार्डियक अरेस्ट से उनकी जान गई है, हालांकि खबर लिखे जाने तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. 

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खबर आते ही मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टाइनसॉन्ग समेत पार्टी के कई नेता अस्पताल पहुंचे. सांसद रिकी सिंगकॉन के निधन पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शोक जताया है. उन्होंने X हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, 

 मैं माननीय सांसद डॉ. रिकी के अचानक निधन पर बहुत दुखी हूं. वे एक संवेदनशील और समर्पित नेता थे. लोगों को दिए वादे के पक्के थे और सर्विस के लिए हमेशा तैयार रहते थे. वे सबको साथ लेकर चलना जानते थे. इस कठिन समय में उनके परिजनों, दोस्तों और शुभचिंतकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. 

डॉ. रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी के नेता थे. 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस के तीन बार के सांसद विन्सेंट एच. पाला को हराया था. उन्होंने 3.7 लाख वोटों के बड़े अंतर से शिलॉन्ग सीट से जीत दर्ज की थी. उनकी जीत को मेघालय में एक बड़े राजनीतिक मोड़ के तौर पर देखा गया था.

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वे पहली बार सांसद बने थे और उन्हें उभरते हुए नेता के तौर पर देखा जा रहा था. राजनीति में आने से पहले वे नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर भी रह चुके थे. खासी-जयंतिया हिल्स में अपने योगदान के लिए उन्हें जाना जाता है.  

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