अमेरिका का एक शहर है न्यू यॉर्क. वहां का एक इलाका है मैनहटन, चाइनाटाउन. और चाइनाटाउन में एक नूडल रेस्तरां (ramen stall) की ऊपरी मंजिल पर चल रहा था एक पुलिस स्टेशन. लेकिन, अमेरिका की सरकार का नहीं, चीन की सरकार का. जी हां, ये अमेरिका में चलने वाला पहला चीन का ख़ुफ़िया पुलिस थाना था. और इसे चला रहे थे दो अमेरिकी नागरिक. नाम- चेन जिनपिंग और लु जियानवांग.
अमेरिकी सरकार की नाक के नीचे न्यूयॉर्क में चल रहा था चीन का खुफिया पुलिस थाना, मकसद क्या था?
अमेरिका के अधिकारयों ने बताया ये पुलिस थाना चीन के नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराता था. लेकिन, इसके अलावा कुछ ख़ुफ़िया काम भी किया करता था. मसलन, अमेरिका में रहने वाले उन लोगों की पहचान करना जो चीन में लोकतंत्र बहाल करने के लिए काम कर रहे थे.
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अमेरिका के सरकारी अधिकारयों ने बताया है कि ये पुलिस थाना चीन के नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराता था. जैसे ड्राइविंग लाइसेंस रीन्यू करना. लेकिन, इसके अलावा ये कथित तौर पर कुछ ख़ुफ़िया काम भी किया करता था. मसलन, अमेरिका में रहने वाले उन लोगों की पहचान करना जो चीन में लोकतंत्र बहाल करने के लिए काम कर रहे थे. और ये लोग उनकी जानकारी चीन की सरकार से साझा कर रहे थे.
हालंकि, चीन ने इन आरोपों का खंडन किया है. उसका कहना है कि ये पुलिस स्टेशन नहीं हैं, बल्कि एक प्रकार का सर्विस स्टेशन है जो विदेशी ज़मीन पर रहने वाले चीनी नागरिकों को प्रशासन से जुड़ी सुविधाएं प्रदान करने के लिए बनाया गया था.
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अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैथ्यू ओल्सन ने कहा कि इस तरह सरकार को बिना जानकारी दिए विदेशी जमीन पर पुलिस स्टेशन चलाना अमेरिका की संप्रभुता पर सीधा हमला है. मैथ्यू ने कहा, “ये हमारे लोगों के लिए खतरनाक है. और इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
चेन जिनपिंग और लु जियानवांग ने 2022 की शुरुआत में इस गुप्त पुलिस स्टेशन की शुरुआत की थी. वे ये थाना कथित तौर पर चीन की मिनिस्ट्री ऑफ़ पब्लिक सिक्योरिटी (MPS) की तरफ से चला रहे थे. 2022 में इसे बंद कर दिया गया था, जब फ़ेडरल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने अपनी जांच शुरू की. जैसे ही जांच शुरू हुई, चेन और लु ने उन संदेशों को नष्ट कर दिया जो उनके और चीनी मंत्रालय के बीच साझा हुए थे. पिछले साल 2023 के अप्रैल महीने में इन दोनों को गिरफ़्तार किया गया था.
बीबीसी में छपी ख़बर के मुताबिक़ 18 दिसंबर को चेन ने अपना गुनाह क़बूल किया है. उन्होंने स्वीकार किया कि वो चीन के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें 5 साल क़ैद की सजा सुनाई जा सकती है. इसका फैसला अगले साल आएगा. हालांकि, लु जियानवांग ने अपना गुनाह अभी तक क़बूल नहीं किया है. और वो कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं. उन पर ये आरोप लगा है कि उन्होंने चीन के एक भगौड़े नागरिक को दोबारा चीन लौटने के लिए परेशान किया. साथ ही उस पर दबाव डाला कि वो कैलिफोर्निया में काम करने वाले एक प्रो-डेमोक्रेसी कार्यकर्ता का ठिकाना चीन के कम्युनिस्ट पार्टी को बताए.
जिस समय चेन की गिरफ़्तारी हुई थी, तब अमेरिकी प्रशासन ने बताया था कि पहली बार अवैध पुलिस स्टेशन चलाने से जुड़ा कोई आपराधिक मामला सामने आया है. बीबीसी की ख़बर बताती है कि इस तरह के तक़रीबन 100 पुलिस स्टेशन 53 अलग-अलग मुल्क़ में काम कर रहे हैं. और चीन इनका इस्तेमाल इन देशों में रह रहे अपने नागरिकों को डराने और उनकी गतिविधियों की निगरानी करने के लिए करता है.
बीते साल भी चीन की मिनिस्ट्री ऑफ़ पब्लिक सिक्योरिटी के 34 अधिकारियों के ऊपर आरोप लगे थे कि वे नकली सोशल मीडिया अकाउंट बना कर अमेरिका में रहने वाले चीनी नागरिकों को परेशान कर रहे थे. और चीन की सरकार के अधिकारिक प्रोपगैंडा को फैला रहे थे.
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