Israel Attack On iran: इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया है. जवाब में ईरान ने भी इजरायल और तमाम देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जबर्दस्त हमले किए हैं. इस बीच दुनिया के तमाम देशों के नेता इस जंग पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख काया कैलास ने हालात को ‘बहुत खतरनाक’ बताया और कहा कि उन्होंने इजरायल के विदेश मंत्री से बात की है. कैलास ने कहा कि ऐसे हालात में आम लोगों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन सबसे जरूरी है.
रूस से लेकर जापान तक, ईरान-इजरायल जंग पर दुनिया के देशों ने क्या कहा?
Iran Israel War: ईरान और इजरायल के बीच जंग ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. दुनिया भर के नेताओं ने मध्य-पूर्व के हालात पर दुख जताया है.
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यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी ईरान पर हमले को बेहद चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने साझेदारों के साथ संपर्क में हैं. लेयेन ने कहा कि परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव को और बढ़ाने या ग्लोबल न्यूक्लियर रोकथाम की व्यवस्था को कमजोर करने वाली किसी भी कार्रवाई को रोकना बहुत जरूरी है.
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ ने पहले ही ईरान के क्रूर शासन और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कार्रवाइयों के जवाब में व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं. साथ ही परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रमों को बातचीत के जरिए हल करने के लिए डिप्लोेमेटिक प्रयासों को बढ़ावा देने की कोशिश की है.
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय कानून, पारस्परिक सम्मान और हितों के संतुलन पर आधारित शांतिपूर्ण हल खोजने में मदद करने के लिए तैयार है.
जापान ने कहा कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा हालात का जापान पर सीधा असर पड़ता है. खासतौर पर ऊर्जा सुरक्षा के मामले में. ऐसे में जापान सरकार अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए हालात पर गहरी चिंता के साथ नजर बनाए हुए है. ईरान और इजरायल में जंग के तुरंत बाद जापान के विदेश मंत्री मोतेगी के नेतृत्व में विदेश मंत्रालय (MOFA) ने एक विशेष कंट्रोल रूम/रिस्पॉन्स हेडक्वार्टर बनाया है.
बेल्जियम के विदेश मंत्री प्रेवोट ने कहा कि वह सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वो नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करें.
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने ईरान और इजरायल के बीच जंग पर कहा कि वह अमेरिका और इजरायल के हमलों से काफी चिंतित है. मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और आम नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा करने की अपील की.
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि इन हमलों से मिडिल ईस्ट तबाही के कगार पर पहुंच गया है. उन्होंने अमेरिका और ईरान से तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की.
रूस के साथ जंग में उलझे यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान के शासन के पास हालात बिगड़ने से रोकने के मौके थे. साथ ही ये भी कहा कि वह ईरान की जनता के लिए सुरक्षा, समृद्धि और आजादी चाहता है. वह ये भी कामना करता है कि पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनी रहे.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि उनका देश ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन करता है. उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया ईरान के लोगों के साथ खड़ा है.
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