राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की वकालत की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं रहने चाहिए. RSS महासचिव ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के आम लोगों के बीच आपसी जुड़ाव होगा, तो दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होंगे. भारत को पाकिस्तान की सरकार और सेना पर भरोसा नहीं है, लेकिन आम पाकिस्तानियों से जुड़कर रिश्ते बेहतर किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तानी सिविल सोसाइटी को आगे कदम बढ़ाने चाहिए.
'पाकिस्तान से रिश्ते बेहतर होने चाहिए', RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने तरीका भी बताया
RSS महासचिव Dattatreya Hosabale ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं रहने चाहिए. RSS महासचिव ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के आम लोगों के बीच आपसी जुड़ाव होगा, तो दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर होंगे.


मंगलवार, 12 मई को PTI वीडियो के साथ बातचीत में दत्तात्रेय होसबोले ने दोनों देशों के बीच लोगों की बातचीत को एक 'उम्मीद' बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से 2008 मुंबई हमला और पुलवामा जैसे अटैक हुए, इसके बावजूद पाकिस्तान से बातचीत की एक खिड़की खुली रहनी चाहिए. RSS महासचिव ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर करने की हमेशा कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से वैसा नतीजा नहीं मिला.
'PM वाजपेयी और मोदी वाली कोशिश जारी रहे'RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा,
"हर मुमकिन कोशिश की जा चुकी है. ऐसी और भी कोशिशें जारी रहनी चाहिए. अटल जी ने उनसे बात करने की कोशिश की. वे बस से लाहौर गए. और भी बहुत कुछ हुआ है. हमारे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने तो पाकिस्तान के तत्कालीन प्रमुख को अपने शपथ ग्रहण समारोह में भी इनवाइट किया था, और वे खुद पाकिस्तान के नेता के घर शादी समारोह में भी शामिल हुए थे. तो ये सारी कोशिशें हमने की हैं."
उन्होंने आगे कहा,
"लेकिन पाकिस्तान जो छोटी-छोटी हरकतें कर रहा है, जैसे पुलवामा वगैरह, हमें उनका जवाब देना होगा. हमें हालात के हिसाब से पूरी तरह से जवाब देना होगा, क्योंकि किसी भी देश और राष्ट्र की सुरक्षा और आत्म-सम्मान की रक्षा करना जरूरी है, और मौजूदा सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए और इसका ख्याल रखना चाहिए. लेकिन साथ ही, हमें बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए. हमें हमेशा उनसे बातचीत करने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसी तरह तो कूटनीतिक संबंध कायम रखे जाते हैं. ट्रेड और कॉमर्स होता है, वीजा दिए जाते हैं. तो हमें इन चीजों को रोकना नहीं चाहिए. क्योंकि बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए."
दत्तात्रेय होसबोले ने आगे कहा कि पाकिस्तान के शिक्षाविद, खिलाड़ी, साइंटिस्ट, कम्युनिटी लीडर्स को भारत से रिश्ते बेहतर करने के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक ही देश रहे हैं और दोनों के बीच सांस्कृतिक संबंध हैं. दत्तात्रेय होसबोले ने कहा,
"कम से कम कुछ लोगों को तो इस बात पर जोर देना ही चाहिए. इसलिए, मैं तो यही मानता हूं कि अगर पाकिस्तान के लोग, खासकर वहां की सिविक सोसाइटी, अलग-अलग इंस्टीट्यूशन... अगर यह चलता रहा, तो मुझे लगता है कि दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं."
उन्होंने कहा कि शायद यही एकमात्र तरीका है, जिससे दोनों देशों के बीच लोगों के बीच रिश्ते बेहतर हो सकते हैं. उन्होंने जोर दिया कि इस तरीके को ज्यादा से ज्यादा आजमाना चाहिए.
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