उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. राही साल 2025 में अचानक से सुर्खियों में आए थे, जब शाहजहांपुर में SDM रहते वकीलों के सामने उठक-बैठक करने का उनका वीडियो वायरल हुआ था. इस घटना के बाद जुलाई 2025 से उनको राजस्व विभाग में अटैच कर दिया गया था. फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलने से नाराज राही ने अब इस्तीफा दे दिया है.
IAS रिंकू सिंह ने इस्तीफा दे दिया, बोले- 'सैलरी मिल रही, काम नहीं'
उत्तर प्रदेश कैडर के IAS रिंकू सिंह राही ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. IAS राही ने आरोप लगाया कि राज्य में एक समानांतर व्यवस्था बन गई है, जिसके चलते उनको काम करने के मौके नहीं मिल रहे थे. शाहजहांपुर के SDM रहते पिछले साल जुलाई में राही का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उन्हें राजस्व विभाग में अटैच कर दिया गया था.


इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्हें काम करने के मौके नहीं मिल रहे थे. उन्होंने आगे लिखा,
राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम काम कर रहा है. वेतन मिल रहा था. लेकिन जनसेवा का मौका नहीं.
रिंकू राही के मुताबिक, इस व्यवस्था में वे अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा पा रहे थे. अपने इस्तीफे को उन्होंने नैतिक फैसला करार दिया है.
शाहजहांपुर में क्या हुआ था?
रिंकू सिंह राही ने 28 जुलाई, 2025 को शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील में SDM के तौर पर जॉइन किया था. अगले ही दिन वो तहसील परिसर के निरीक्षण के लिए निकले. जहां जगह-जगह गंदगी फैली थी. इस दौरान उन्होंने एक वकील के मुंशी को खुले में पेशाब करते हुए देखा. इस पर नाराज होकर उसको उठक-बैठक लगाने की सजा दी. उनके इस फैसले से वकीलों में नाराजगी फैल गई. उन्होंने तहसील ऑफिस के पास विरोध प्रदर्शन किया और SDM के व्यवहार पर नाराजगी जताई.
इसके बाद SDM से बातचीत के दौरान वकीलों ने शौचालयों की खराब स्थिति और सफाई की कमी को लेकर शिकायत की. SDM राही ने उनकी बात मानी और इसके लिए वकीलों के सामने खुद कान पकड़कर पांच उठक-बैठक लगाई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए उनको SDM पद से हटा दिया गया और राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया.
PCS से IAS बने राही
रिंकू सिंह राही उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2004 में PCS की परीक्षा पास की और जिला समाज कल्याण अधिकारी बने. साल 2009 में उन्होंने करीब 100 करोड़ रुपये के एक स्कॉलरशिप और पेंशन घोटाले का पर्दाफाश किया. इसके बाद बैडमिंटन खेलते वक्त उन पर जानलेवा हमला हुआ. 7 गोलियां मारी गईं. इनमें से दो गोलियां चेहरे पर लगीं. ठीक होने के बाद उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी की और साल 2022 में IAS बने.
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