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क्या है रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स, जिसमें भारत ने चीन-अमेरिका को भी पछाड़ दिया?

Responsible Nations Index का मानना है कि बिना जिम्मेदारी के पावर से हमेशा खुशहाली नहीं आ सकती है. RNI की माने तो देश की तरक्की का अंदाजा इस बात से लगाया जाना चाहिए कि पावर का इस्तेमाल कितने सही, नैतिक और टिकाऊ तरीके से किया जाता है.

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रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स में भारत ने अमेरिका और चीन को पछाड़ा. (ITG)
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सोनू विवेक

देशों को नैतिक और सामाजिक कल्याण जैसे अहम पैमानों पर आंकने वाले 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' (RNI) में भारत को 154 देशों में 16वीं रैकिंग मिली है. इस इंडेक्स में भारत ने अमेरिका और चीन जैसे देशों को भी पछाड़ दिया है. अमेरिका को 66वीं और चीन को 68वीं रैकिंग मिली है. 154 देशों के इस इंडेक्स में सिंगापुर पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे, डेनमार्क तीसरे, जबकि सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक सबसे आखिरी स्थान पर रहा.

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अक्सर किसी देश की ताकत, तरक्की और हैसियत का अंदाजा उसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP), आर्थिक आंकड़े, मिलिट्री और जियोपॉलिटिकल प्रभाव के आधार पर लगाया जाता है. लेकिन 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' यानी 'जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक' में देशों की रैकिंग नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक जवाबदेही जैसे मानकों पर तय होती है.

19 जनवरी को भारत में 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' को लॉन्च किया गया. कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' यानी 'जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक' वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के नेतृत्व में तीन सालों तक चले शैक्षणिक और नीतिगत रिसर्च के बाद तैयार हुआ है.

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इंडिया टुडे से जुड़े सोनू विवेक की रिपोर्ट के मुताबिक, इसे तैयार करने में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, मुंबई (IIM Mumbai) के प्रमुख विद्वानों ने अहम योगदान दिया है. RNI को लाने के पीछे जो सोच है, उसमें उन पैमानों को बदलना है, जिससे देशों को आंका जाता है.

RNI का मानना है कि बिना जिम्मेदारी के पावर से हमेशा खुशहाली नहीं आ सकती है. RNI की माने तो देश की तरक्की का अंदाजा इस बात से लगाया जाना चाहिए कि पावर का इस्तेमाल कितने सही, नैतिक और टिकाऊ तरीके से किया जाता है. RNI के तीन मुख्य आधार हैं- अंदरूनी जिम्मेदारी, पर्यावरण की जिम्मेदारी और बाहरी जिम्मेदारी. यह इंडेक्स 7 डाइमेंशन, 15 एस्पेक्ट और 58 इंडिकेटर के जरिए काम करता है.

इसे बनाने में वर्ल्ड बैंक, यूनाइटेड नेशंस एजेंसियों, इंडियन मॉनेटरी फंड (IMF), वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO), फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (FAO), इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) और वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट जैसे जाने-माने और पब्लिक में आसानी से मिलने वाले इंटरनेशनल सोर्स से मिले डेटा का इस्तेमाल किया गया है. 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' 2023 तक के लेटेस्ट डेटा पर आधारित है.

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