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राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री महेश जोशी अरेस्ट, 900 करोड़ के घोटाले में ACB ने बनाया आरोपी

Jal Jeevan Mission Scam: पिछले साल भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था. दिसंबर 2025 में सात महीने जेल की सजा काटने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, महेश जोशी को उनके जयपुर वाले घर से गिरफ्तार किया गया है.

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राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे महेश जोशी गिरफ्तार. (फोटो-इंडिया टुडे)

राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राज्य सरकार के पूर्व मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है. एक महीने पहले इसी घोटाले के आरोप में फरार चल रहे पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को भी अरेस्ट किया गया था. पिछले साल भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महेश जोशी को गिरफ्तार किया था. दिसंबर 2025 में सात महीने जेल की सजा काटने के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी. 

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महेश जोशी को उनके जयपुर वाले घर से सुबह 5:30 बजे गिरफ्तार किया गया. महेश जोशी राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार में PHED (पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट) मंत्री थे. सुबोध अग्रवाल इस विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी थे. ACB के मुताबिक, एक फर्म के मालिक ने इरकॉन इंटरनेशनल (IRCON) के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर PHED से जल जीवन मिशन के तहत 960 करोड़ के टेंडर ले लिए. ACB ने बताया कि ये सब सीनियर अधिकारियों की जानकारी में हुआ. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने बताया कि मंत्री पर इस टेंडर के बदले रिश्वत लेने का भी आरोप है. 

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कितने लोग गिरफ्तार?

जब PHED के एडिशनल चीफ इंजीनियर ने सर्टिफिकेट की जांच की तो वे सब जाली निकले. अब तक इस मामले में महेश जोशी और सुबोध अग्रवाल को छोड़कर 10 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें सरकारी इंजीनियर और अधिकारी हैं, जिनमें दिनेश गोयल, केडी गुप्ता, सुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, निरिल कुमार, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी और मुकेश पाठक शामिल हैं. इस मामले में तीन आरोपियों की तलाश अब भी जारी है, जिनमें मुकेश गोयल, जितेन्द्र शर्मा और संजीव गुप्ता शामिल हैं. 

साल 2024 की शुरुआत से जल जीवन मिशन घोटाले की जांच चल रही थी. CBI ने भी अगस्त 2023 से लेकर मई 2024 तक इसकी जांच की. और अपनी जांच के आधार पर 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी.

ये भी पढ़ें: कौन हैं पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल, 900 करोड़ के घोटाले में 55 दिन बाद हुए अरेस्ट

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पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल भी गिरफ्तार

इस केस में इसी साल के 17 फरवरी को ACB की टीम ने सुबोध अग्रवाल पर छापा मारा. 18 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था. 19 फरवरी को सुबोध अग्रवाल ने ACB की FIR को रद्द करने की याचिका कोर्ट में लगाई. 21 फरवरी को सुबोध अग्रवाल के वकील ने खुद को केस से अलग कर लिया था. 9 अप्रैल को दिल्ली से सुबोध को गिरफ्तार किया गया.

1988 बैच के सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के सबसे सीनियर IAS में गिने जाते थे. 35 साल से ज्यादा के करियर में 40 अलग-अलग पदों पर काम किया. सुबोध अग्रवाल पर जब घोटाले के आरोप लगे थे तब राजस्थान फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन थे. दिसंबर 2025 में वो रिटायर होने वाले थे.

वीडियो: राजस्थान में ‘जल जीवन मिशन’ में घोटाला करने वाले अधिकारी के साथ क्या हुआ?

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