आपकी गाड़ी में कितना पर्सेंट पेट्रोल प्योर जा रहा है? ये सवाल पिछले कई महीनों से हमारे-आपके मन में आ रहा है. अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और ऑयल कंपनियों पर E20 में धांधली को लेकर बड़ा दावा किया है. 7 नवंबर को राहुल गांधी का X पर एक पोस्ट आता है, जिसमें उन्होंने E20 को लेकर कई सवाल उठाए.
'E20 बना 420,' राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर 'पेट्रोल चोरी' का आरोप लगाया
7 नवंबर को राहुल गांधी ने अपने X पोस्ट में E20 को लेकर कई सवाल उठाए. उनका आरोप है कि मोदी सरकार 20 फीसदी एथेनॉल वाले पेट्रोल में लिमिट से ज्यादा एथेनॉल इस्तेमाल कर रही है. कर्नाटक सरकार ने 14 पेट्रोल सैंपल की स्वतंत्र जांच की है.

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा मोदी सरकार 20 फीसदी एथेनॉल वाले पेट्रोल यानी E20 की बात करती है, लेकिन कर्नाटक में लेबोरेटरी टेस्ट में कई पेट्रोल सैंपल में एथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से काफी ज्यादा मिली है.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने X पर लिखा,
"E20 बना - जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी!"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि 14 सैंपल की टेस्टिंग में से 11 में एथेनॉल कंटेंट 20 फीसदी से ज्यादा पाया गया. उनके मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एक सैंपल में एथेनॉल 31.2 फीसदी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एक सैंपल में 30.5 फीसदी मिला.
कर्नाटक सरकार ने राज्य के सात जिलों- बेंगलुरु, कोलार, चिक्कबल्लापुर, बेंगलुरु रूरल, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुरु के पेट्रोल पंपों से सैंपल कलेक्ट किए. इन सैंपल की इंडिपेंडेंट टेस्टिंग बेंगलुरु के श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट में कराई गई. कर्नाटक सरकार के मुताबिक ये NABL-एक्रेडिटेड और ISO-सर्टिफाइड लेबोरेटरी है. कर्नाटक सरकार की ओर से सामने रखे गए 14 रिजल्ट में से 11 सैंपल में एथेनॉल कंटेंट 20 फीसदी से ज्यादा था.
IOCL के एक सैंपल में 31.2 फीसदी, HPCL में 30.5 फीसदी, एक दूसरे HPCL सैंपल में 27 फीसदी, BPCL में 26.5 फीसदी, Nayara में 26.1 फीसदी और Shell के एक सैंपल में 25.5 फीसदी एथेनॉल मिलने का दावा किया गया.
इसके अलावा BPCL के सैंपल में 24.2 और 22.6 फीसदी, HPCL में 22.4 फीसदी और IOCL के एक दूसरे सैंपल में 20.8 फीसदी एथेनॉल रिपोर्ट होने का दावा किया गया. हालांकि, सभी सैंपल्स में एथेनॉल 20 फीसदी से ज्यादा नहीं था. एक BPCL सैंपल में 19.9 फीसदी, MRPL में 19.2 फीसदी और Shell के एक सैंपल में 13.5 फीसदी एथेनॉल रिपोर्ट हुआ.

इसी को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल की कीमत ग्राहक से पूरी ली जा रही है, तो पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा एथेनॉल क्यों मिलाया जा रहा है? उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि अगर किसी गाड़ी में जरूरत से ज्यादा एथेनॉल वाला फ्यूल जाता है, तो इससे माइलेज कम हो सकता है और गाड़ी के मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है.
ऑयल कंपनियों ने क्या तर्क दिया?इस पूरे मामले में कहानी का दूसरा पक्ष भी जान लीजिए. IOCL, BPCL और HPCL ने कर्नाटक सरकार के इन निष्कर्षों को चुनौती दी है. तीनों सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा कि कर्नाटक में 26 से 31 फीसदी एथेनॉल मिलने के दावे प्रिस्क्राइब्ड टेस्टिंग प्रोसीजर के तहत किए गए टेस्ट से मेल नहीं खाते.
कंपनियों के मुताबिक, देशभर में सप्लाई किया जा रहा E20 पेट्रोल, कर्नाटक समेत, BIS स्पेसिफिकेशन IS 17021 के मुताबिक है. OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनीज) ने अक्टूबर 2026 में कर्नाटक में हुई सैंपलिंग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. कंपनियों का कहना है कि सैंपलिंग के दौरान उनके रिप्रेजेंटेटिव्स शामिल नहीं थे. उन्हें रिटेंशन सैंपल, आउटलेट-वाइज डिटेल्स और पूरी लेबोरेटरी रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गईं.
कंपनियों ने थर्ड-पार्टी लेबोरेटरी के सर्टिफिकेट पर भी सवाल उठाया. उनका कहना है कि एथेनॉल कंटेंट को वेरिफाई करने के लिए इस्तेमाल किए गए स्पेसिफिक टेस्ट मेथड, डायल्यूशन प्रोसीजर और रेफरेंस मटेरियल की पूरी टेक्निकल डिटेल्स उपलब्ध नहीं हैं.
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OMC ने क्या आंकड़े दिए?कंपनियों के मुताबिक, सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी यानी CHT की क्वालिटी मॉनिटरिंग एक्सरसाइज के तहत देश के 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से 893 E20 सैंपल टेस्ट किए गए. कंपनियों का दावा है कि इन सभी 893 सैंपल में एथेनॉल कंटेंट 19 से 21 फीसदी की प्रिस्क्राइब्ड रेंज में था. इनमें कर्नाटक के 56 सैंपल भी शामिल थे. इन 56 सैंपल में एथेनॉल कंटेंट 19 से 20 फीसदी के बीच रहा और एवरेज 19.30 फीसदी था.
तो फिर सवाल उठता है कि दोनों टेस्टिंग के रिजल्ट में इतना बड़ा अंतर क्यों है? OMCs का कहना है कि सैंपलिंग और टेस्टिंग के लिए एक प्रिस्क्राइब्ड प्रोसीजर है और कर्नाटक की अक्टूबर वाली एक्सरसाइज में उसका पालन नहीं हुआ. वहीं कर्नाटक सरकार का कहना है कि उसके पास NABL-एक्रेडिटेड लेबोरेटरी के टेस्ट रिजल्ट हैं और इन रिजल्ट में 20 फीसदी से ज्यादा एथेनॉल पाया गया है.
वीडियो: कर्नाटक सरकार का दावा, E20 पेट्रोल में ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा रहा











