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'यहां देखिए, ये है पैलेट गन...', राहुल गांधी ने साहिल के घाव दिखा दिए

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल छात्र साहिल को सामने लाकर आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन पर पैलेट गन चलाई गई, जिससे उनकी आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने की मांग दोहराई.

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राहुल गांधी ने साहिल को लगे घाव दिखाए. (फोटो- India Today)

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  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 24 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र साहिल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
  • 20 जुलाई को दिल्ली में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप लगा था, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस बात से इनकार किया।
  • राहुल गांधी की मांगों में शिक्षा मंत्री को हटाना, प्रदर्शनकारियों पर हुए हमलों की जांच और प्रधानमंत्री द्वारा माफी मांगना शामिल है, जिससे आगे की कार्रवाई हो सकती है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार, 24 जुलाई को दिल्ली यूनिवर्सिटी के 19 साल के छात्र साहिल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इस दौरान न सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई. बल्कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी छात्रों से माफी मांगने के लिए कहा. राहुल गांधी ने दावा किया कि साहिल जंतर-मंतर पर हाथ में तिरंगा लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे, तभी उन पर ‘दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन से हमला’ किया. इससे उनकी आंखों पर गंभीर चोटें आई हैं. राहुल गांधी ने कहा कि साहिल की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. 

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने साहिल के शरीर पर लगे पैलेट गन के घाव भी दिखाए और आरोप लगाया कि ऐसे हजारों लड़कों पर पैलेट गन चलाई गई है. राहुल गांधी के मुताबिक, साहिल हिंदुस्तान का तिरंगा लिए जंतर-मंतर पर पीसफुल प्रोटेस्ट कर रहे थे. उसी समय उन पर पैलट गन से हमला हुआ. उन्होंने साहिल के घावों को दिखाते हुए कहा, “(केंद्र) सरकार ने दावा किया था कि कोई पैलेट गन का यूज नहीं हुआ है, लेकिन यहां देखिए. ये है पैलेट गन. इसको कहते हैं पैलेट गन.” 

उन्होंने आगे कहा, 

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साहिल की आंख डैमेज हो गई है. उनकी आंख से दिखाई नहीं दे रहा है. ये हमारे हिंदुस्तान के फ्यूचर हैं. ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है. लाठी चलाई गई है. मारा गया है. पीटा गया है. साहिल का फिजिकल डैमेज हुआ है. मैं कह नहीं सकता कि उनकी आंख बचेगी या नहीं बचेगी. उनकी कोई गलती नहीं है.

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को एक ‘अपराधी’ शिक्षा मंत्री तक बता दिया जिन्हें हटाना होगा. उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था के ‘पतन का प्रतीक’ करार दिया. राहुल ने कहा, 

उन्हें जाना ही होगा. हजारों लोगों के विरोध प्रदर्शन का कारण वो ही हैं. उन्हें जाना ही होगा. सरकार को झूठ बोलना बंद करना पड़ेगा. सरकार ने हमारे फ्यूचर पर आक्रमण किया है और फ्यूचर क्या कह रहा है? फ्यूचर सिर्फ तीन चीजें कह रहा है. 

पहली बात जो एजुकेशन मिनिस्टर है, जिसके कारण ये हुआ है, जिसके कारण ये बाहर निकले हैं. पीसफुल प्रोटेस्ट किए. जिसके कारण पेपर लीक हो रहा है. उसको हटाया जाए. 

दूसरी मांग कि ये कि जो हमारे फ्यूचर पे गोली चलाए हैं. लाठी मारे हैं. उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. 

तीसरी मांग कि पीएम नरेंद्र मोदी जो पूरे सिस्टम के ऑपरेटर हैं. वो ऐसे हजारों युवाओं से माफी मांगें, जिन पर हमले किए गए थे. 

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क्या हुआ था?

ये सब 20 जुलाई की बात है, जब पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च का आह्वान किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में जबर्दस्त झड़प हुई थी. सैकड़ों लोग घायल हुए थे. आरोप लगे कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पैलेट गन भी चलाए. इससे कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस बात से साफ इनकार किया है कि 20 जुलाई के प्रोटेस्ट में पैलेट गन यूज किया गया था. 

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पुलिस के इस दावे के खिलाफ राहुल गांधी पैलेट गन से पीड़ित एक युवा छात्र को ही अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ले आए. छात्र के बारे में कांग्रेस ने बताया कि उनका नाम साहिल है. वह दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हैं, लेकिन परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट टाइम कार भी चलाते हैं. साहिल साल 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार हैं. उन्हें डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा.

आगे बताया गया कि 19 साल के साहिल 20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थे. इस दौरान उनके चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया. वह इंसाफ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे, लेकिन आज हालत ये है कि उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है.

कांग्रेस ने ये बताते हुए पीएम मोदी से छात्रों से माफी मांगने के लिए कहा और धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपनी मांग दोहराई.

वीडियो: पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तराखंड में दो पेपर लीक

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