लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर FIR हो गई है. आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में SC/ST एक्ट की धारा में मामला दर्ज हुआ है. इसके अलावा राहुल पर (भारतीय न्याय संहिता) BNS की धारा 196, धारा 299 भी लगाई गई है. शिकायत करने वाले शख्स अमित कुमार और विनोद कुमार आर्य का कहना है कि कथित ‘शुद्धीकरण’ कार्यक्रम पर राहुल ने ऐसे बयान दिए जिनसे दलित समाज का अपमान का हुआ है.
राहुल गांधी पर हल्द्वानी में SC-ST एक्ट में FIR, शुद्धिकरण मामले ने फंसा दिया?
Haldwani Rahul Gandhi FIR : हल्द्वानी में 10 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धीकरण की घटना हुई. इस घटना पर राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे और FIR दर्ज कराने की मांग की थी. लेकिन अब उनके खिलाफ ही दो लोगों ने FIR दर्ज कराई है.

ये पूरा मामला 8 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की एक रैली से जुड़ा है. ये रैली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की थी. आरोप है कि इस रैली के बाद 10 अगस्त को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गंगाजल का छिड़काव कर कथित ‘शुद्धीकरण’ हवन किया था. कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाए. खुद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने ये मुद्दा राज्यसभा में उठाया था.
क्या है पूरा मामला?कांग्रेस की ओर से इस मामले में बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी. इस विवाद में कांग्रेस की ओर से भी पुलिस कार्रवाई की मांग की गई थी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा था कि इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी.
वहीं इस पूरे विवाद पर शुद्धीकरण करने वाले आयोजकों की ओर से सफाई आई है कि रैली के बाद फैली गंदगी और कथित तौर पर लगाए गए सांप्रदायिक नारों के विरोध में ये शुद्धीकरण किया गया. इसके बाद 29 अगस्त को राहुल गांधी ने फिर से ‘शुद्धीकरण की घटना’ पर सवाल उठाए. उन्होंने ‘शुद्धीकरण हवन’ को दलित विरोधी बताया और पीएम मोदी से अपील की कि आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.
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राहुल गांधी पर क्या आरोप?राहुल गांधी पर जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, अब उसके बारे में जान लेते है. BNS धारा 196 में 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. कुछ विशेष परिस्थितियों में सजा 5 साल तक हो सकती है. BNS धारा 299 में 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. वहीं SC/ST एक्ट धारा 3(1)(q) में कम से कम 6 महीने और अधिकतम 5 साल की सजा के साथ जुर्माना हो सकता है.
अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद ये पूरा विवाद राजनीतिक हो गया है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं.
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