कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद मार्च’ के एक दिन बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए. उन्होंने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी इस्तीफा मांगा. राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के कई सांसद भी मौजूद थे. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी राहुल को समर्थन दिया.
राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस उठाकर गाड़ी में ले गई, पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे थे
NEET पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की. धरने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया, जबकि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल पर बार-बार मांगें बदलने का आरोप लगाया.


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरना शुरू होने के कुछ ही देर बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे मिलने आए. हालांकि, बात बनी नहीं. अब खबर है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया है.
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें भी सामने आईं. इनमें वह पुलिस के साथ संघर्ष करते दिख रहे हैं. हिरासत में लिए जाने के बाद एक वीडियो में वह सरकार पर ताना मारते और दूसरी वीडियो में बस में बैठे नजर आ रहे हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस कार्रवाई को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि ये सब कुछ जनता के सामने है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के नेताओं के साथ बदसलूकी की गई. उन्होंने आगे कहा,
क्या हम आज के देश में ऐसा माहौल चाहते हैं? क्या आपको देश में लोकतंत्र दिखाई दे रहा है? हम यहां फिर से विरोध प्रदर्शन करने आएंगे.
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राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी सपा कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया है. उन्हें भी एक बस में पुलिस वालों के साथ जाते देखा गया. प्रियंका गांधी ने हिरासत में लिए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो कायर हैं. डरते हैं लेकिन हम इनसे नहीं डरते.
वहीं, दिल्ली में राहुल-प्रियंका को हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कांग्रेस का विरोध तेज हो गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दफ्तर पहुंचे. इसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
राहुल से मिलने गए केंद्रीय मंत्री क्या बोले?इधर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने धरने को लेकर राहुल गांधी की निंदा की है. उन्होंने कांग्रेस नेता पर बार-बार अपनी मांगें बदलने का आरोप लगाया. एक्स पर एक लंबी पोस्ट में उन्होंने कहा कि मंगलवार, 21 जुलाई की दोपहर उन्हें पता चला कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए हैं. सरकार ने उन्हें और केंद्रीय गृहसचिव को मौके पर भेजा ताकि वो राहुल गांधी को समझा सकें कि वो ऐसी हरकत न करें.
जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे मांग की थी कि उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि सरकार संसद में NEET परीक्षा, पेपर लीक और इससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है. इसके बाद वो धरना खत्म कर देंगे.
उन्होंने कहा कि उनकी ये मांग मान ली गई. लेकिन तभी राहुल गांधी कहने लगे कि उनकी मांगें बदल गई हैं. अब उन्हें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए. जब उनसे कहा गया कि बार-बार मांगें बदलना ठीक नहीं है, तो वह बोले कि ये ‘मेरी मर्जी’ है. इसके बाद सरकार को राहुल गांधी से बातचीत वहीं छोड़नी पड़ी.
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने बड़े कद के नेता ने ऐसा व्यवहार किया. ऐसी घटना देखना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. खासकर तब जब आज सुबह ही प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया था कि पेपर लीक की घटनाओं के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
वीडियो: नीट पेपर लीक पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?










