आम आदमी पार्टी के पूर्व और बीजेपी के मौजूदा सांसद राघव चड्ढा का नाम पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गया है. वो भी तब जब राघव चड्ढा खुद पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राघव के नाम के आगे 'Permanently Shifted' लिखा गया है. यानी वो व्यक्ति जो राज्य से किसी और राज्य में हमेशा के लिए शिफ्ट हो गया है. अब राघव चड्ढा 12 सितंबर 2026 तक अपना नाम काटे जाने पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं और दोबारा नाम ऐड करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
राघव चड्ढा का पंजाब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कटा, बोले- AAP सरकार बदला ले रही
Raghav Chadha MP: राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम राजनीतिक बदले की वजह से काटा गया है. राघव ने कहा कि इस काम के लिए BLO से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक, हर स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात होते हैं.

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कटने की जानकारी खुद राघव चड्ढा ने ही दी है. 3 सितंबर की सुबह 7.30 बजे के करीब उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार और सीएम भगवंत मान को निशाने पर लिया. राघव का आरोप है कि उनकी पुरानी पार्टी ने राजनीतिक बदले भी भावना के तहत ऐसा किया है.
पोस्ट में राघव चड्ढा ने क्या लिखा?उन्होंने लिखा,
‘मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हूं. मेरा वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है. फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम शिफ्टेड के तौर पर दिखाया गया है. अच्छी बात यह है कि ये फाइनल वोटर लिस्ट नहीं, बल्कि सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है. Claims and Objections की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है. फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में पब्लिश होगी.’
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि ये सिर्फ कोई क्लर्क की गलती नहीं लग रही. यह साफ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है. राघव ने कहा कि इस काम के लिए BLO से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक हर स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात होते हैं.
राघव ने दावा किया कि जब से उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी है, तब से नेताओं में गुस्सा है. लिखा, ‘हममें से जिन लोगों ने भी चुप रहने से इनकार किया उनके पीछे पंजाब सरकार ने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को लगा दिया. AAP छोड़कर BJP में शामिल होने वाले दूसरे सांसदों को भी पंजाब सरकार ने निशाना बनाया है.’
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पंजाब सरकार का जवाबपंजाब सरकार ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज किया है. आम आदमी पार्टी की पंजाब विंग ने एक्स पर पोस्ट किया. लिखा,
‘SIR चुनाव आयोग करवाता है, न कि राज्य सरकार. इसलिए वोटर लिस्ट में किसका नाम शामिल करना है या हटाना है. इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं होती.'
इस पोस्ट में आगे लिखा गया कि राघव चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रह रहे हैं. अगर वह अब पंजाब में नहीं रहते हैं, तो अपना वोटर रजिस्ट्रेशन बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ट्रांसफर करवाना उनकी अपनी जिम्मेदारी थी.
दरअसल पंजाब में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की गई थी. SIR के तहत पंजाब में अब तक कुल 20 लाख 66 हजार वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं. ये नंबर SIR से पहले के कुल वोटरों का लगभग 9.7 प्रतिशत है. राघव चड्ढा भी इन्हीं हटाए गए नामों में से एक हैं.
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