पंजाब पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल का वीडियो वायरल होने के कुछ ही समय में राज्य की पुलिस सफाई देने आ गई. हेड कॉन्स्टेबल ने अमृतसर में अपने पड़ोस गुरु नानकपुरा का एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में हेड कॉन्स्टेबल अपने बेटे के शव के साथ सड़क पर बैठे थे. उनका बेटा कथित तौर पर ड्रग्स लेने की वजह से जान गंवा बैठा. वीडियो में पिता कह रहे थे कि उनके बेटे की मौत ड्रग्स से हुई है.
'पंजाब में ड्रग्स मंगाना, Zomato से ऑर्डर की तरह', बेटे के शव के पास बैठ बोले पुलिस कॉन्स्टेबल
Punjab Drugs Problem: हेड कॉन्स्टेबल के मुताबिक उनका बेटा आकाश सैनी एक जिम्मेदार और मेहनती लड़का था. करियर के लिए उसने अपना स्पोर्ट्स का शौक भी छोड़ दिया था. लेकिन 2020-21 के आसपास वो गलत संगत में पड़ गया.
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल ने यह भी कहा कि पंजाब में ड्रग्स खुलेआम बेची जा रही है. उन्होंने दावा किया कि यहां ड्रग्स मंगाना, "जोमैटो से ऑर्डर करने जैसा है." लेकिन पुलिस ने आरोपों को नकार दिया. कुछ ही समय बाद पुलिस ने पिता का एक और वीडियो जारी किया जिसमें वे अपने दावों से मुकर गए.
जिस गुरू नानकपुरा का वीडियो हेड कॉन्स्टेबल ने शेयर किया, वो जगह गोल्डन टेंपल से मात्र 7 किलोमीटर दूर है. एक दिन पहले ही हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार सैनी का बेटा आकाश सैनी रिहैबिलिटेशन सेंटर से वापस आया था.
बकौल हेड कॉन्स्टेबल सैनी, उनका बेटा आकाश एक होनहार लड़का था. वो खालसा स्कूल और फिर खालसा कॉलेज की टीम के लिए फुटबॉल खेला करता था. इसके बाद वो चीफ खालसा दीवान इंस्टिट्यूट से होटल मैनेजमेंट में बीएससी करने गया.
पिता के मुताबिक आकाश एक जिम्मेदार और मेहनती लड़का था. करियर के लिए उसने अपना स्पोर्ट्स का शौक भी छोड़ दिया था. लेकिन 2020-21 के आसपास वो गलत संगत में पड़ गया. हेड कॉन्स्टेबल सैनी पंजाब आर्म्ड पुलिस में हैं. वो बताते हैं कि उनकी ड्यूटी उत्तर प्रदेश के चुनाव में लगी थी. उसी दौरान उन्हें एक जानकार का फोन आया. उसने कहा कि उनका बेटा गलत संगत में पड़ चुका है.
सैनी बताते हैं कि उनकी पत्नी और उन्होंने अगले कुछ सालों तक रिहैब सेंटर्स की महंगी फीस भरी. वो कहते हैं कि हर बार जब आकाश बाहर आता था, तो उनकी लड़ाई शुरू हो जाती थी. वो कहते हैं कि रिहैब सेंटर्स के अंदर, नशेड़ी हेल्दी होते हैं, अच्छा खाते-पीते हैं और डिसिप्लिन में रहते हैं. लेकिन जैसे ही वे बाहर निकलते हैं, वो फिर से गलत आदत में पड़ जाते हैं.
ड्रग्स की कथित धड़ल्ले से हो रही बिक्री को देखकर हेड कॉन्स्टेबल सैनी काफी गुस्से में कहते हैं,
ये होम डिलीवरी सर्विस जैसी है. नशेड़ी एक फोन कॉल करते हैं, और ड्रग्स सड़क पर ही डिलीवर हो जाती हैं. आप अपने बच्चे का 24 घंटे पीछा नहीं कर सकते. मैंने अपना घर बेचने की कोशिश की, लेकिन सही कीमत नहीं मिली क्योंकि गुरु नानकपुरा इलाका अपनी ड्रग एक्टिविटी के लिए जाना जाता है.
इस बारे में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP) जसपाल सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास सही डेटा नहीं है. वो कहते हैं कि गुरु नानकपुरा एक स्लम जैसा इलाका है. यहां ड्रग्स की लत बहुत ज्यादा नहीं है. वहां कई नशेड़ी थे, लेकिन अब यह कंट्रोल में है.
10 मिनट के लिए बाहर गया था आकाशपिता के मुताबिक उनकी आखिरी बातचीत तब हुई जब आकाश ने अपने पिता से कहा कि वह 10 मिनट के लिए घर से बाहर जा रहा है. पिता को उसपर शक करने की कोई वजह नहीं थी, क्योंकि वो रिहैब से होकर आया था. पिता को अंदाजा नहीं था कि आकाश सीधे जाकर ड्रग्स ले लेगा. उन्होंने दावा किया कि आकाश कई दिनों से ड्रग्स से दूर था, इसलिए हेरोइन का एक ही इंजेक्शन जानलेवा साबित हुआ.
लेकिन आधिकारिक तौर पर उसकी मौत ‘ड्रग कैजुअल्टी’ नहीं है. पिता द्वारा जारी किए गए वीडियो के बाद ACP जसपाल सिंह ने बताया कि आकाश ने पिछले दो महीनों से कोई ड्रग्स नहीं लिया था. उन्होंने कहा,
जब सैनी को पता चला कि आकाश एक गुरुद्वारे के पास कार में बेहोश पड़ा है, तो वह वहां पहुंचे. आकाश को थोड़ा पानी दिया गया, वह बेहतर लग रहा था और उसे घर ले आया गया. क्योंकि उसकी पल्स कम हो रही थी, वे उसे हॉस्पिटल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
एसीपी ने आगे कहा कि सैनी ने ड्रग्स के इतने आम होने के बारे में यह बात इसलिए कही क्योंकि वह बहुत इमोशनल थे. लेकिन, हमारी जांच के आधार पर ड्रग्स लेने का कोई सबूत सामने नहीं आया. बॉडी की जांच करने पर भी, ड्रग्स के इंजेक्शन के कोई निशान नहीं थे. पिता ने भी कहा कि मैं इमोशनल हो गया था और सरकार के खिलाफ काफी-कुछ कह दिया, जो नहीं कहना चाहिए था. उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी है.
पंजाब में ड्रग्स संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता शमशेर सिंह संधू का भी दर्द सामने आया. उनकी पत्नी सुरजीत कौर लोकल म्युनिसिपल काउंसलर हैं. उन्होंने अपनी 'बेबसी' का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने खुद पिछले डेढ़ साल में करीब 22 नशेड़ियों को ड्रग रिहैब सेंटर में भर्ती कराया है, लेकिन ड्रग्स आसानी से मिलने की वजह से उनकी कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं.
वीडियो: चेन्नई पुलिस ने कहा बैन करो Grindr App, ड्रग्स की तस्करी करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एप
















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