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'10%' के लपेटे में आया डॉक्टर, जब ठगी का पता चला 12 करोड़ गंवा चुका था

75 साल के डॉक्टर हडपसर के ही रहने वाले हैं. उनके बेटे भी एक डॉक्टर हैं. डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उन्हें एक मैसेजिंग ऐप पर बने ग्रुप में ऐड किया गया. ग्रुप के सभी मेंबर्स ऑनलाइन शेयर-ट्रेडिंग से फायदे के बारे में बात करते थे.

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पुणे में 75 साल के डॉक्टर के साथ करोड़ों की ठगी. (फोटो -इंडिया टुडे)

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  • पुणे के 75 वर्षीय जनरल फिजिशियन डॉक्टर ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के बहाने 12.31 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का शिकार होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है।
  • डॉक्टर को एक मैसेजिंग ऐप ग्रुप में जोड़कर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के प्रलोभन में फंसाया गया था, जिसमें उन्हें महीना में 8 से 10 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया गया था।
  • पुलिस जांच में पता चला कि डॉक्टर ने 39 दिनों में विभिन्न बैंकों के 8 खातों में 30 लाख से 3 करोड़ रुपये तक कई बार ट्रांसफर किए, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।

महाराष्ट्र के पुणे में 75 साल के एक जनरल फिजिशियन डॉक्टर साइबर ठगी के शिकार हो गए. बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने उन्हें 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा दिया. ठगों ने डॉक्टर को ऑनलाइन शेयर-ट्रेडिंग करने के लिए कहा था. उन्हें यह कहकर अपने जाल में फंसाया कि महीने भर में 8 से 10% का रिटर्न मिलेगा. यानी लाखों का फायदा. पीड़ित डॉक्टर ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी है. पुलिस जांच में जुट गई है.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित डॉक्टर पुणे के हडपसर इलाके के ही रहने वाले हैं. उनके बेटे भी एक डॉक्टर हैं. डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उन्हें एक मैसेजिंग ऐप पर बने ग्रुप में ऐड किया गया था. ग्रुप के सभी मेंबर्स ऑनलाइन शेयर-ट्रेडिंग से फायदे के बारे में बात करते थे. इसके बाद उन्होंने भी ऑनलाइन शेयर-ट्रेडिंग करने का मन बनाया. डॉक्टर ने ग्रुप एडमिन से टिप्स लिए और ऑनलाइन शेयर-ट्रेडिंग के लिए तैयार हो गए.

आरोपी ग्रुप एडमिन ने उन्हें शेयर खरीदने के लिए एक मोबाइल ऐप का लिंक भेजा. इसके बाद डॉक्टर शेयर खरीदने लगे, लेकिन उन्हें कुछ फायदा नहीं हुआ. बाद में आरोपी ने उन्हें और महंगे शेयर खरीदने के लिए मना लिया और इसके लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए बोला. ठगों ने डॉक्टर से अलग-अलग बैंकों के 8 अकाउंट्स में बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए. जल्दी ही ठगी की ये रकम 12.31 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. 

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इसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर को शेयर-ट्रेडिंग ऐप पर 54 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दिखाया. भारी मुनाफा देख डॉक्टर ने शेयर्स को बेचने की बात कही. लेकिन ठगों ने फिर पैसों की डिमांड कर दी. तब जाकर डॉक्टर को उनके साथ हुए फ्रॉड का पता चला. मामले की पुष्टि पुणे साइबर पुलिस की सीनियर इंस्पेक्टर स्वप्निल शिंदे ने की. उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने 39 दिनों में 30 लाख से लेकर 3 करोड़ रुपये तक ठगों के अकाउंट में ट्रांसफर किए. 

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रिपोर्ट्स की मानें, तो यह इस साल का दूसरा सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड का मामला है. इससे पहले एक 85 साल के रिटायर्ड बिजनेस मैन 22.03 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड के शिकार हुए थे. खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी भी आरोपी के गिरफ्तारी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

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