बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस ने बताया कि छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि उसके साथ रेप हुआ था. इस रिपोर्ट ने पटना पुलिस के उन शुरुआती दावों की पोल खोल दी है, जिसमें कहा गया था कि यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मरने से पहले छात्रा को भयानक चोटें आई थीं.
पटना की NEET स्टूडेंट के साथ रेप हुआ, शरीर पर गंभीर चोटें...पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई पता चली
Patna NEET Student Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पटना पुलिस के उन दावों की पोल खोल दी है, जिसमें कहा गया था कि यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला.
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NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान पाए गए और उसकी मौत स्वाभाविक नहीं थी. पुलिस ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट्स में चोटें आई थीं. छात्रा के शरीर और गर्दन पर चोट के निशान थे. चोटों की प्रकृति को देखते हुए कहा जाता है कि छात्र ने जमकर पलटवार किया और हर तरीके से हमले का विरोध किया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना या दम घुटना बताया गया है, जो इस आरोप का समर्थन करता है कि उसकी हत्या की गई थी. इससे पहले, सबसे अहम सबूत फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले थे, जिसमें मृतक छात्रा के एक अंडरगार्मेंट पर स्पर्म की मौजूदगी के सबूत पाए गए.
इसके अलावा डीएनए टेस्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, जिस कमरे में उसका शव मिला था, वहां से सीमन (वीर्य) और खून के नमूने बरामद किए गए थे. वहां खून के धब्बे भी थे और छात्रा के कपड़े फटे हुए पाए गए.
दैनिक भास्कर ने पुलिस सूत्रों के हवाले से लिखा कि अब इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा भी जुड़ेगी. क्योंकि, परिवार ने उम्र से जुड़ा जो प्रमाण पत्र दिया है, उसके मुताबिक, लड़की नाबालिग थी.
6 संदिग्धों का DNA टेस्टआजतक से जुड़े शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पटना के गर्दनीबाग हॉस्पिटल में छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं. विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में मेडिकल टीम और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई. सभी सैंपल को सील कर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेज दिया गया है.
SIT सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्धों के डीएनए का मिलान FSL द्वारा तैयार की गई प्रोफाइल से किया जाएगा, ताकि घटना से जुड़े अहम सबूत जुटाए जा सकें. बताया जा रहा है कि जिन लोगों के सैंपल लिए गए हैं, उनका शंभु गर्ल्स हॉस्टल में आना-जाना था और घटना के समय के आसपास उन्हें हॉस्टल के पास देखा गया था.
जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा के आधार पर भी मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं. इसके अलावा CCTV फुटेज से भी SIT को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.
क्या है घटना?जहानाबाद की रहने वाली छात्रा ने पिछले साल, पहले ही अटेम्प्ट में NEET क्लियर कर लिया था, लेकिन दो नंबर से MBBS सीट पाने से चूक गई थी. वह दोबारा एग्जाम की तैयारी के लिए पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी. 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हॉस्टल में छात्रा की मौत को लेकर पटना में विरोध प्रदर्शन भी हुए. मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने जांच के लिए IG सेंट्रल (पटना) की देखरेख में एक SIT बनाने का आदेश दिया. SIT पटना और जहानाबाद में हर एंगल से जांच कर रही है.
9 जनवरी को दर्ज FIR में छात्रा के पिता ने उसके शरीर और सिर पर चोट के निशान का हवाला देते हुए यौन उत्पीड़न का शक जताया था. परिवार ने घटना के बाद हॉस्टल के CCTV फुटेज न देने का भी आरोप लगाया और जांच की निष्पक्षता पर चिंता जताई. परिवार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच की मांग कर रहा है.
पुलिस ने पहले क्या कहा था?बता दें कि छात्रा की मौत पर पटना पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि यौन अपराध का सबूत नहीं मिला है. पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला माना, जिसमें कथित तौर पर नींद की गोलियां खाने की बात कही गई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना सिटी SP (ईस्ट) परिचय कुमार ने पहले मीडिया को बताया था कि छात्रा की जांच करने वाली प्राइवेट गायनेकोलॉजिस्ट को “यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला.” इन गायनेकोलॉजिस्ट ने छात्रा के हॉस्पिटल में भर्ती होने के पहले दिन उसकी जांच की थी.
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उन्होंने यह भी कहा था कि हॉस्टल के CCTV फुटेज में कुछ भी गलत नहीं दिखा और छात्रा की यूरिन रिपोर्ट में नींद की गोलियां खाने की बात सामने आई थी. पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) में एक मेडिकल बोर्ड ने छात्रा का पोस्टमॉर्टम किया. उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद पुलिस ने मेडिकल राय में बदलाव को माना.
ऑटोप्सी में चोटों के निशान मिले, जिसमें गर्दन पर नाखून के खरोंच और कंधे, बांह और कलाई पर चोट के निशान शामिल थे. आगे की जांच के लिए विसरा (अंदरूनी अंगों को) सुरक्षित रखा गया है. इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, मेडिकल सैंपल और सबूत दूसरे पोस्टमॉर्टम जांच और राय के लिए पटना AIIMS भेजे गए थे.
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