पटना पुलिस ने कहा था NEET छात्रा से 'रेप का सबूत नहीं', जांच में अंडरगार्मेंट पर स्पर्म मिला है
Patna NEET Student Death: FSL की जांच के दौरान घटना के समय छात्रा ने जो एक अंडरगारमेंट पहना था, उस पर इंसान के स्पर्म के निशान मिले. FSL फिलहाल इस सैंपल से DNA प्रोफाइल तैयार कर रही है.

बिहार की राजधानी पटना में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पटना पुलिस के शुरुआती दावे की पोल खोल दी. FSL की जांच में मृतक छात्रा के एक अंडरगार्मेंट पर स्पर्म की मौजूदगी के सबूत मिले हैं. इससे पीड़ित परिवार का यौन उत्पीड़न का दावा मजबूत हुआ है. जबकि पटना सिटी के SP (ईस्ट) परिचय कुमार ने पहले मीडिया को बताया था कि छात्रा की जांच करने वाली प्राइवेट गायनेकोलॉजिस्ट को ‘यौन उत्पीड़न’ का कोई सबूत नहीं मिला.
FSL रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में लापरवाही बरतने पर दो पुलिस वालों पर गाज गिरी है. पटना पुलिस ने चित्रगुप्तनगर पुलिस स्टेशन की स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) सब-इंस्पेक्टर रोशनी कुमारी और कदमकुआं के एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर (ADDL. SHO) सब-इंस्पेक्टर हेमंत झा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. रविवार, 25 जनवरी को पटना पुलिस ने X पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की एक प्रेस रिलीज में लिखा,
चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 की समीक्षा के दौरान इंटेलिजेंस इकट्ठा करने और समय पर कार्रवाई करने में नाकाम रहने के कारण चित्रगुप्तनगर के एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर, सब-इंस्पेक्टर हेमंत झा और स्टेशन हाउस ऑफिसर, सब-इंस्पेक्टर रोशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.


इससे कुछ देर पहले एक और प्रेस रिलीज में पटना पुलिस ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को पीड़ित परिवार ने पुलिस को मृतक छात्रा के कुछ कपड़े दिए. इन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त किया गया और जांच के लिए FSL भेजा गया. प्रेस रिलीज में लिखा है,
FSL की जांच के दौरान घटना के समय छात्रा ने जो एक अंडरगारमेंट पहना था, उस पर मानव शुक्राणु (Human Sperm) के अवशेष निशान मिले हैं. FSL फिलहाल इस सैंपल से DNA प्रोफाइल तैयार कर रही है.

आगे लिखा है,
इसके अनुसार, चल रही जांच के हिस्से के तौर पर इस DNA प्रोफाइल का मिलान गिरफ्तार आरोपी के DNA के साथ-साथ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पहचाने गए अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के DNA से भी किया जाएगा.

पुलिस ने पहले क्या कहा था?
बता दें कि छात्रा की मौत पर पटना पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि यौन अपराध का सबूत नहीं मिला है. पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला माना, जिसमें कथित तौर पर नींद की गोलियां खाने की बात कही गई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना सिटी SP (ईस्ट) परिचय कुमार ने पहले मीडिया को बताया था कि छात्रा की जांच करने वाली प्राइवेट गायनेकोलॉजिस्ट को “यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला.” इन गायनेकोलॉजिस्ट ने छात्रा के हॉस्पिटल में भर्ती होने के पहले दिन उसकी जांच की थी.
उन्होंने यह भी कहा था कि हॉस्टल के CCTV फुटेज में कुछ भी गलत नहीं दिखा और छात्रा की यूरिन रिपोर्ट में नींद की गोलियां खाने की बात सामने आई थी. पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) में एक मेडिकल बोर्ड ने छात्रा का पोस्टमॉर्टम किया. उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता. इसके बाद पुलिस ने मेडिकल राय में बदलाव को माना.
ऑटोप्सी में चोटों के निशान मिले, जिसमें गर्दन पर नाखून के खरोंच और कंधे, बांह और कलाई पर चोट के निशान शामिल थे. आगे की जांच के लिए विसरा (अंदरूनी अंगों को) सुरक्षित रखा गया है. इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, मेडिकल सैंपल और सबूत दूसरे पोस्टमॉर्टम जांच और राय के लिए पटना AIIMS भेजे गए थे. अधिकारियों ने कहा था कि सभी रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई नतीजा निकाला जाएगा.
क्या है घटना?
जहानाबाद की रहने वाली मृतका की उम्र 17 साल थी. उसने पिछले साल पहले ही अटेम्प्ट में NEET क्लियर कर लिया था, लेकिन दो नंबर से MBBS सीट पाने से चूक गई थी. वह दोबारा एग्जाम की तैयारी के लिए पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी. 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हॉस्टल में छात्रा की मौत को लेकर पटना में विरोध प्रदर्शन भी हुए. मामले ने तूल पकड़ा तो बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने जांच के लिए IG सेंट्रल (पटना) की देखरेख में एक SIT बनाने का आदेश दिया. SIT पटना और जहानाबाद में हर एंगल से जांच कर रही है.
9 जनवरी को दर्ज FIR में छात्रा के पिता ने उसके शरीर और सिर पर चोट के निशान का हवाला देते हुए यौन उत्पीड़न का शक जताया था. परिवार ने घटना के बाद हॉस्टल के CCTV फुटेज न देने का भी आरोप लगाया और जांच की निष्पक्षता पर चिंता जताई. परिवार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच की मांग कर रहा है.
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