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पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ितों को बांटे पैसे, अब इनकम टैक्स का आया नोटिस, पूछा- 'पैसा कहां से लाए?'

Pappu Yadav Income Tax Notice: कुछ हफ्तों पहले बिहार के वैशाली जिले के कई गांवों के लोग नदी के कटाव की वजह से बेघर हो गए थे. पप्पू यादव इन गांवों में पहुंचे और बाढ़ पीड़ित परिवारों को रुपये बांटकर ‘आर्थिक मदद’ की. अब इनकम टैक्स विभाग ने इस पर उनसे जवाब मांगा है.

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पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किया इनकम टैक्स का नोटिस. (फोटो- X/इंडिया टुडे)

बिहार के वैशाली में बाढ़ पीड़ितों को पैसा बांटना सांसद पप्पू यादव को महंगा पड़ गया है. इनकम टैक्स विभाग ने उन्हें नोटिस थमाया है. विभाग ने उनसे पूछा है कि वो बाढ़ पीड़ितों को जो 3000-4000 रुपये बांट रहे थे, उसका सोर्स क्या है? पूर्णिया से निर्दलीय सांसद ने खुद सोशल मीडिया पर इनकम टैक्स का नोटिस साझा कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर बाढ़ पीड़ितों की मदद करना अपराध है, तो वह यह अपराध हमेशा करते रहेंगे.

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इनकम टैक्स नोटिस पर क्या बोले पप्पू यादव?

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार 25 अक्टूबर की सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 

“मुझे इनकम टैक्स का नोटिस मिला है, बाढ़ पीड़ितों की मदद में रुपये बांटने को अपराध बताया है. यह अपराध है, तो मैं हर वंचित-पीड़ित की सहायता का अपराध सदैव करता रहूंगा.” 

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उन्होंने आगे लिखा, 

“वैशाली जिले के नयागांव पूर्वी पंचायत अंतर्गत मनियारी गांव के बाढ़ पीड़ितों का घर-द्वार सब गंगाजी में विलीन हो गया, उनकी मदद न करता तो क्या गृह राज्य मंत्री (नित्यानंद राय), स्थानीय MP (चिराग पासवान) जैसे स्वघोषित CM उम्मीदवारों की तरह मूकदर्शक बना रहता?”

Pappu Yadav Income Tax Notice
पप्पू यादव ने X पर शेयर किया नोटिस. (फोटो- X/@pappuyadavjapl)

क्या है पूरा मामला?

दरअसल कुछ हफ्तों पहले बिहार के वैशाली जिले के कई गांवों के लोग नदी के कटाव की वजह से बेघर हो गए थे. पप्पू यादव इन गांवों में पहुंचे और बाढ़ पीड़ित परिवारों को रुपये बांटकर ‘आर्थिक मदद’ की. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लगभग 80 प्रभावित परिवारों को मदद के तौर पर करीब 5 लाख रुपये कैश बांटे गए थे.

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चुनाव आयोग ने लिया था संज्ञान

चुनावों का ऐलान होने और आचार संहिता लागू होने बावजूद पैसे बांटने को लेकर चुनाव आयोग ने पप्पू यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था. बता दें कि चुनावों का ऐलान हो जाने के बाद राज्य में आचार संहिता लागू हो जाती है. ऐसे में कोई नेता या जनप्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से कैश या किसी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं दे सकता. ऐसा करना वोटर्स को प्रभावित करने का प्रयास माना जाता है. इसी के मद्देनजर अब पप्पू यादव को इनकम टैक्स का नोटिस मिला है.

वीडियो: पप्पू यादव ने मंच पर पीएम मोदी के कान में क्या कहा?

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