The Lallantop

‘डॉक्टर ने Nashik से पेपर खरीदे, फिर...', NEET Paper Leak की पूरी कहानी क्या?

राजस्थान के कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ एक गेस पेपर मिला. लेकिन ट्विस्ट ये था कि उसमें लिखे सवाल असली NEET परीक्षा से मैच कर रहे थे.

Advertisement
post-main-image
नासिक से लीक हुआ नीट का पेपर. (फोटो- India Today)

NEET का पेपर लीक हुआ है या नहीं हुआ है, इस पर कुछ दिनों से काफी बहस चल रही थी. कोई कह रहा था सिस्टम फेल हो गया. कोई बोल रहा था बच्चों के भविष्य से खेल हुआ है. लेकिन अब जो कहानी निकलकर सामने आ रही है वो किसी फिल्मी स्कैम से कम नहीं लगती. पूरा मामला ऐसा है जैसे एक राज्य से शुरू हुई चेन दूसरे राज्यों तक फैलती चली गई. बीच में डॉक्टर, सॉल्वर गैंग, गेस पेपर और लाखों का खेल शामिल है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

कहानी शुरू होती है महाराष्ट्र के नासिक से. आजतक से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक यहीं एक प्रिंटिंग प्रेस में NEET का पेपर छापा गया. आरोप है कि प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर की पहली कॉपी बाहर निकाली गई. यानी पेपर एग्जाम सेंटर तक पहुंचने से पहले ही गलत हाथों में चला गया. अब एंट्री होती है हरियाणा की. दावा है कि नासिक से निकला पेपर गुरुग्राम के एक डॉक्टर तक पहुंचा. डॉक्टर ने सिर्फ पेपर देखा ही नहीं बल्कि उसका पूरा बिजनेस मॉडल बना डाला. यहां पेपर के 5 सेट तैयार किए गए. हर सेट में 10-10 कॉपियां शामिल थीं.

इसके बाद कहानी राजस्थान पहुंचती है. जयपुर के रहने वाले खटीक नाम के शख्स ने ये पेपर खरीदे. यहीं से पेपर अलग-अलग लोगों और स्टूडेंट्स तक पहुंचने लगा. कुछ रिपोर्ट्स में दावा ये भी है कि क्वेश्चंस तो प्रिंटिंग से पहले ही लीक हो चुके थे. यानी असली खेल प्रेस से भी पहले शुरू हो गया था.

Advertisement

मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया कि राजस्थान के कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ एक गेस पेपर मिला. लेकिन ट्विस्ट ये था कि उसमें लिखे सवाल असली NEET परीक्षा से मैच कर रहे थे. 11 मई को राजस्थान SOG यानी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एक्टिव हुई. देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. जयपुर से मनीष नाम के एक शख्स को पकड़ा गया. जांच एजेंसियों को शक है कि यही पूरे मामले का मास्टरमाइंड है. आरोप है कि पेपर छपने से पहले सवाल इसी नेटवर्क के जरिए बाहर आए.

क्वेश्चन बैंक किया तैयार

मनीष और उसके साथियों ने लीक हुए सवालों में कुछ दूसरे सवाल मिलाए. फिर एक क्वेश्चन बैंक तैयार किया गया ताकि सीधे पकड़ में न आएं. लेकिन गड़बड़ वहीं हो गई क्योंकि इस बैंक के बहुत सारे सवाल असली परीक्षा में आ गए. जांच में सामने आया कि सीकर में कुछ छात्रों तक एग्जाम से दो दिन पहले ही 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल पहुंच चुके थे. दावा है कि ये सवाल केरल के एक कॉलेज में MBBS कर रहे छात्र ने 1 मई को अपने दोस्त को भेजे थे.

अब यहां सबसे चौंकाने वाली बात ये कि जो क्वेश्चन बैंक छात्रों तक पहुंचा उसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे. सारे सवाल हाथ से लिखे गए थे और हैंडराइटिंग भी एक जैसी थी. इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 के पेपर में आ गए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक किसी गेस पेपर से कुछ सवाल मैच हो जाना आम बात है. लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवाल मिल जाना सामान्य नहीं माना जा सकता.

Advertisement
5 से 10 लाख रुपये में बिके पेपर

अब एजेंसियां पैसे के पूरे खेल को खंगाल रही हैं. पूछताछ में कई छात्रों ने माना कि उन्होंने पैसे दिए थे. सूत्रों के मुताबिक एक पेपर की कीमत 5 से 10 लाख रुपए तक थी. सॉल्वर गैंग पहले ही छात्रों से पैसा ले लेती थी और बदले में पेपर या सवाल पहुंचा दिए जाते थे. पूरे मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि ये कोई एक शहर या एक राज्य का खेल नहीं दिख रहा. महाराष्ट्र से हरियाणा, हरियाणा से राजस्थान फिर दूसरे राज्यों तक पूरा नेटवर्क चेन सिस्टम की तरह काम कर रहा था.

फिलहाल CBI इस पूरे मामले की जांच कर रही है. कौन असली मास्टरमाइंड है, पेपर सबसे पहले किसने बाहर निकाला और कितने छात्रों तक ये पहुंचा इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं. 3 मई को हुआ NEET एग्जाम NTA ने फिलहाल पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दिया है. 

वीडियो: शुभेंदु अधिकारी के पिए की हत्या का आरोपी राज सिंह CM Yogi के मंत्री का करीबी निकला?

Advertisement