The Lallantop

NEET का 'गेस पेपर' 5-5 लाख में बिका, 720 में से 600 नंबर के सवाल हुए मैच, कहानी केरल से शुरू हुई

NEET 2026 paper leak News: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में संकेत मिले हैं कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही राजस्थान के सीकर में छात्रों तक पहुंच गए थे. शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क का कनेक्शन केरल से जुड़ता दिखाई दे रहा है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. कौन है इसके पीछे?

Advertisement
post-main-image
राजस्थान के कथित नीट पेपर लीक का लिंक केरल से जुड़ा. (PTI/ITG)

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट' (NEET 2026) को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है. राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में संकेत मिले हैं कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही राजस्थान के सीकर में छात्रों तक पहुंच गए थे. शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क का कनेक्शन केरल से जुड़ता दिखाई दे रहा है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

3 मई को NEET (UG) 2026 की परीक्षा हुई थी. ये परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को राजस्थान में NEET परीक्षा के दौरान कथित गड़बड़ी की शिकायत मिली. सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से पहले छात्रों के बीच एक कथित ‘गेस पेपर’ (Guess Paper) या ‘क्वेश्चन बैंक’ तेजी से वायरल हुआ. नीट परीक्षा में पूछे सवालों के उत्तर के ऑप्शन भी इस कथित ‘गेस पेपर’ के प्रश्नों के क्रमों में है.

Guess Paper से कितने सवाल मैच हुए?

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) विशाल बंसल ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

Advertisement

“NEET एग्जाम को लेकर फैली तरह-तरह की भ्रांतियों के बारे में मैं आपको बताऊं, तो एक गेस पेपर है, जिसमें करीब 410 सवाल हैं. उन 410 सवालों में से तकरीबन 120 सवाल केमिस्ट्री में आए हुए बताए जाते हैं. बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर स्टूडेंट्स के बीच काफी पहले से सर्कुलेट हो रहा था. यह असली एग्जाम से 15 दिन पहले, एक महीने पहले ही उन तक पहुंचना शुरू हो गया था. इसलिए, हमारी इन्वेस्टिगेशन का अभी इस बात पर फोकस है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई चीटिंग या क्रिमिनल एक्टिविटी हुई है. हम इस मामले की एक्टिवली जांच कर रहे हैं और अभी इन्वेस्टिगेशन प्रोसेस में लगे हुए हैं.”

ADG विशाल बंसल ने आगे बताया कि गेस पेपर मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. नीट में हर सवाल 4 अंक का होता है, ऐसे में लगभग 600 नंबर के प्रश्न उसी कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ से आने की बात सामने आ रही है.

Advertisement

किसी ‘गेस पेपर’ से कुछ सवाल मैच होना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्नों का मिलना बेहद असामान्य है. खासकर, उस परीक्षा में, जहां एक-एक अंक छात्रों की रैंक और मेडिकल कॉलेज तय करता है.

गेस पेपर 5-5 लाख रुपये में बिका, किसने भेजा?

इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ‘गेस पेपर’ परीक्षा से दो दिन पहले 5-5 लाख रुपये में बिका, लेकिन परीक्षा से एक रात पहले इसकी 30-30 हजार रुपये में बिक्री हुई. SOG का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल में मैसेज पर ‘फॉर्वर्डेड मेनी टाइम्स’ दिख रहा है, यानी ये पेपर बहुत लोगों तक पहुंचा है.

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ का लिंक चूरू के एक युवक से जुड़ रहा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है. उसने 1 मई को ये सवाल सीकर में अपने एक दोस्त को भेजे थे. इसके बाद यह दस्तावेज एक पीजी संचालक तक पहुंचा और फिर वहां रहने वाले छात्रों, करियर काउंसलर्स और अन्य अभ्यर्थियों के बीच तेजी से फैलता चला गया. SOG अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है.

SOG सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल्स और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स से जुड़े हर लिंक को खंगाल रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल एक ‘गेस पेपर’ था या फिर वास्तव में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का हिस्सा लीक हुआ था. जांच एजेंसियां फिलहाल इसी कड़ी को जोड़ने में लगी हैं.

जांच में अब तक क्या सामने आया?

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ केवल वॉट्सएप तक सीमित नहीं था. कई एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्स के जरिए भी इसे शेयर किए जाने के संकेत मिले हैं. कुछ चैट्स में ‘फॉर्वर्डेड मेनी टाइम्स’ का टैग दिखाई दिया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा. SOG इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं इसके प्रिंटआउट निकालकर ऑफलाइन तरीके से भी छात्रों में तो नहीं बांटे गए.

यह भी पढ़ें: मदरसे से मिला 'Made in Pakistan' पंखा, फोटो देख मचा बवाल, अगर कागज न होते तो...

पूरे मामले में सीकर का एक पीजी संचालक भी जांच एजेंसी के रडार पर आ गया है. परीक्षा खत्म होने के बाद इसी संचालक ने उद्योग नगर थाने और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को शिकायत देकर दावा किया था कि बड़ी संख्या में छात्रों के पास संदिग्ध ‘क्वेश्चन बैंक’ पहुंचा था.

जांच में सामने आया कि उसे खुद भी परीक्षा से पहले यह पेपर मिला था, और उसने इसे आगे छात्रों और काउंसलर्स को भेजा था. एजेंसी को आशंका है कि पकड़े जाने के डर से उसने बाद में शिकायत देकर खुद को बचाने की कोशिश की. फिलहाल SOG यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा था और आखिर इसका मास्टरमाइंड कौन है.

वीडियो: बिहार से राजस्थान तक युवा क्यों कर रहे विरोध प्रदर्शन?

Advertisement