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सड़क हादसे में घायल शख्स की जान बचाई तो सरकार कितना इनाम देगी?

सड़क हादसों में घायल लोगों को डेढ़ लाख तक का इलाज फ्री मिलेगा. सरकार इसे लेकर एक स्कीम लॉन्च करने वाली है. इसका पायलट प्रोजेक्ट देश के 6 राज्यों में चलाया जा रहा है लेकिन जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी इस स्कीम को पूरे देश के लिए लॉन्च करने वाले हैं.

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सड़क हादसों को लेकर सरकार नई स्कीम लाने जा रही है (india today)

‘समय पर इलाज मिल जाए तो सड़क हादसे में 30 फीसदी मौतों को रोका जा सकता है.’ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने AIIMS की एक रिपोर्ट के हवाले से ये बात कही है. उन्होंने ये भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी जल्द ही ऐसी योजना लॉन्च करेंगे, जिसमें सड़क हादसों का शिकार हुए लोगों को डेढ़ लाख तक का इलाज मुफ्त दिया जाएगा. इतना ही नहीं, जो लोग सड़क हादसे में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाएंगे, उन्हें 25 हजार रुपये का नकद इनाम भी दिया जाएगा. गडकरी ने ये भी स्पष्ट किया कि सिर्फ नेशनल हाइवे पर नहीं बल्कि देश में कहीं भी होने वाले सड़क हादसों पर ये स्कीम लागू होगी.

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‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार, 8 जनवरी को नितिन गडकरी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों, सचिवों और कमिश्नरों के साथ मीटिंग कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की इस संभावित योजना के बारे में बताया. इस योजना को Cashless Treatment Scheme कहा जाएगा, जो पूरे देश में किसी भी सड़क पर होने वाले हादसों के लिए लागू की जाएगी. यानी सड़क हादसों में घायल लोगों को अधिकतम 7 दिनों तक डेढ़ लाख तक का इलाज फ्री दिया जाएगा. 

गडकरी के मुताबिक, इलाज का खर्च गाड़ी खरीदते समय ली गई थर्ड पार्टी इंश्योरेंस से कवर किया जाएगा. अगर किसी गाड़ी का बीमा नहीं है तो ऐसे मामलों में सरकार ‘रोड सेफ्टी फंड’ से इलाज का खर्च उठाएगी.

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‘राहवीरों’ को इनाम

‘गुड सेमेरिटन’ (Good Samaritans) यानी ‘भले लोगों’ को बढ़ावा देने के लिए भी इस स्कीम में खास व्यवस्था होगी. ये वो लोग होते हैं जो हादसे के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाते हैं. बताया जाता है कि सड़क हादसों के शिकार व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है. इससे मौत की आशंका कम होती है. इस कीमती समय को ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है. सरकार का मकसद लोगों को इसके लिए जागरूक करना है कि वह सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाएं ताकि उन्हें ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिले. इसके लिए नागरिक भागीदारी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए 'गुड सेमेरिटन' को पुरस्कृत किए जाने की व्यवस्था स्कीम में की गई है.

जो व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाता है, उसे सरकार ‘राहवीर’ कहती है. स्कीम के मुताबिक, ऐसे व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा. नितिन गडकरी ने ये भी स्पष्ट किया कि यह इनाम सिर्फ एक ही व्यक्ति को मिलेगा. एक से ज्यादा लोग इसके लिए दावा नहीं कर पाएंगे.

पहले से चल रहा पायलट प्रोजेक्ट

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर साल तकरीबन 5 लाख सड़क हादसे होते हैं. इनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की जानें जाती हैं. यह संख्या कम करने के लिए ही सरकार कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम लेकर आ रही है. हालांकि, इसके पायलट प्रोजेक्ट को असम, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पुडुचेरी में चलाया जा रहा है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में ये पायलट परियोजना शुरू की थी, जिसका बाद में विस्तार 6 राज्यों तक किया गया था.

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