बिहार के नालंदा में स्थित माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ के मामले की जांच शुरू हो गई है. मंदिर में 31 मार्च को मची भगदड़ में 8 लोगों की मौत हो गई थी. अब इस मामले की जांच के दौरान 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. 20 नामजद लोगों में से 18 लोग पंडा समाज से हैं. बाकी 2 लोग उन्हीं के सहयोगी हैं. इस मामले में पुलिस ने चार पुजारियों को गिरफ्तार भी किया है. पुलिस की गिरफ्त में आए इन पुजारियों पर रुपये लेकर पूजा करवाने और महिलाओं पर डंडे चलाने के आरोप लगे हैं. दीपनगर थाने की दारोगा मौसमी कुमारी के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की दर्ज की गई है.
नालंदा के शीतला मंदिर में मची भगदड़ में 4 पुजारी अरेस्ट, पैसे लेने, औरतों पर डंडे चलाने का आरोप
नालंदा के माता शीतला मंदिर में हुई भगदड़ की जांच के दौरान 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. 20 नामजद लोगों में से 18 लोग पंडा समाज से हैं. बाकी 2 लोग उन्हीं के सहयोगी हैं. इस मामले में पुलिस ने चार पुजारियों को गिरफ्तार भी किया है.


नालंदा के शीतला माता मंदिर में 31 मार्च को एक धार्मिक सभा का आयोजन किया गया था. इसी सभा के दौरान वहां अचानक भगदड़ मच गई. भगदड़ की वजह से आठ महिलाओं की मौत हो गई थी. साथ ही कई दूसरे श्रद्धालु घायल भी हो गए थे. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पूजा-अर्चना के लिए जमा हुए थे. इसके अलावा वहां सभा की भीड़ भी थी. नतीजा ये हुआ कि वहां भीड़ बढ़ती गई. इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई. ऐसी अफरातफरी मची कि उसमें कई लोग कुचले गए. कुछ की तो मौके पर ही मौत हो गई. मामला गंभीर होता देख बिहार सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए.
भगदड़ की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का काम शुरू किया. लेकिन तब तक 8 महिलाओं की मौत हो चुकी थी. इस मामले पर जानकारी देते हुए बिहार शरीफ के एएसपी नूरुल हक ने बताया,
‘31 मार्च की सुबह शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ में करीब आठ महिलाओं की मौत हो गई थी. पुलिसकर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया गया. फिलहाल घटना की जांच जारी है.’
ये घटना इतनी भयावह थी कि वहां मौजूद चश्मदीदों के रोंगटो खड़े हो गए. चश्मदीदों ने बताया कि हर मंगलवार को मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, जिसमें पटना सहित राज्य के कई इलाकों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. कई लोगों ने इस हादसे के लिए भीड़ के खराब मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है. एक चश्मदीद ने आजतक को बताया कि यह हादसा खराब मैनेजमेंट की वजह से हुआ है. जबकि दूसरे ने कहा कि कोई भी लाइन में खड़ा नहीं होना चाहता था. हर कोई सबसे पहले दर्शन करना चाहता था. और चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण भीड़ और भी ज्यादा थीं.
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