केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ‘IIT रांची’ में एक वेबिनार को लेकर ओवरसीज़ कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) के दावे का खंडन किया है. मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने जो दावा किया है उसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है. संस्थान की छवि खराब करने के लिए पित्रोदा पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्रालय ने उनके दावे को बेतुका बताया है. साथ ही कहा कि किसी भी संस्थान ने लेक्चर देने के लिए नहीं बुलाया था.
"किसी ने नहीं बुलाया था", सैम पित्रोदा के दावे को शिक्षा मंत्रालय ने क्यों कहा बेतुका? जान लीजिए
‘IIIT’ रांची ने भी कन्फर्म किया है कि Sam Pitroda को किसी भी वेबिनार या सेमिनार के लिए न तो वर्चुअली और न ही फिजिकली आमंत्रित किया गया था.


न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 22 फरवरी सैम पित्रोदा ने दावा किया था कि ‘IIT रांची’ के स्टूडेंट्स से वर्चुअली बात कर रहे थे. तभी किसी ने कथित तौर पर हैक करके आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट चलाया था. उनके इस दावे को लेकर मंत्रायल ने 26 फरवरी देर रात बयान जारी किया. मंत्रालय के बयान में कहा गया,
रांची में कोई ‘IIT’ नहीं बल्कि ‘IIIT’ है. इसलिए उस वीडियो में दिया गया बयान न सिर्फ बेतुका है बल्कि अज्ञानता से भी भरा है. ‘IIIT’ रांची ने भी कन्फर्म किया है कि पित्रोदा को किसी भी वेबिनार या सेमिनार के लिए न तो वर्चुअली और न ही फिजिकली आमंत्रित किया गया था.
बयान में आगे कहा गया, “ऐसा बेपरवाह बयान देश के एक बेहद प्रतिष्ठित संस्थान ‘IIT’ की छवि को खराब करने की कोशिश लगता है. संस्थान समय की कसौटी पर खरा उतरा है. देश के कई प्रभावशाली लोग यहां से निकले हैं. IIT की प्रतिष्ठा छात्रों, टीचरों, शिक्षाविदों की योग्यता, कड़ी मेहनत और उपलब्धि पर बनी है.”
इंडिया टुडे के मुताबिक, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के करीबी पित्रोदा ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक क्लिप शेयर करते हुए पित्रोदा ने कहा था,
सैम पित्रोदा का विवादों से पुराना नातामैं रांची आईआईटी में लगभग सैकड़ों छात्रों को संबोधित कर रहा था. किसी ने हैक कर लिया और सारी अश्लील सामग्री दिखानी शुरू कर दी. हमें इसे बंद करना पड़ा. अब, क्या ये लोकतंत्र है? क्या यह निष्पक्षता है?
ऐसा पहली बार नहीं है जब पित्रोदा के किसी बयान को लेकर विवाद हो रहा है. अमूमन अपने बयानों के लेकर वो चर्चाओं में बने रहते हैं. कांग्रेस खुद उनके बयानों का समय-समय पर खंडन करती रही है. बीते दिनों सैम पित्रोदा ने कहा था कि ‘चीन हमारा दुश्मन नहीं है.’ कांग्रेस ने उनके इस बयान से भी किनारा किया. लोकसभा चुनाव के वक्त भी कुछ ऐसा ही हुआ था. पित्रोदा ने कथित ‘नस्लीय’ बयान दिया और कांग्रेस की खूब किरकिरी हुई. BJP ने जमकर घेरा और शाम तक आते-आते पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि रिज़ल्ट के बाद उनका ये पद फिर बहाल कर दिया गया था.
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