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मणिपुर में BSF जवान का घर रॉकेट से गिराया, दो बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बीएसएफ में तैनात ओइनम मालेमंगनबा के घर पर रॉकेट से हमला हुआ. इस हमले में उनके 2 नाबालिग बच्चों की मौत हो गई.

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मणिपुर में रॉकेट हमले के बाद हालात तनावपूर्ण हैं. (फोटो- India Today)

लंबे समय तक शांत रहने के बाद पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर एक बार फिर सुलग उठा है. 7 साल की बच्ची से रेप और हत्या के बाद मंगलवार 7 अप्रैल को बीएसएफ के एक कर्मी के घर पर रॉकेट से हमला हुआ. इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में आक्रोश फैल गया. लोग सड़कों पर उतर आए और एक तेल टैंकर को फूंक दिया. प्रदर्शन करने वाले लोगों ने सीआरपीएफ के कैंप पर हमला किया. जवाबी कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत की खबर है. 

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इंडिया टुडे से जुड़ीं बेबी शिरीन की रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार को बीएसएफ में तैनात ओइनम मालेमंगनबा के घर पर रॉकेट से हमला हुआ. इस हमले में उनके 2 नाबालिग बच्चों की मौत हो गई. बच्चों की मां को गंभीर हालत में इंफाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

बिष्णुपुर के मोइरांग इलाके के पास ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई नाम का गांव है. इस इलाके को बेहद संवेदनशील माना जाता है. इसी गांव में ओइनम मालेमंगनबा का घर है, जहां उनकी 37 साल की पत्नी ओइनम ओंगबी बिनिता और उनके दो बच्चे रहते थे. एक बच्चा पांच साल का और दूसरा पांच महीने का था. 

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7 अप्रैल की सुबह-सुबह रॉकेट से उनके घर पर हमला हुआ. उस समय बिनिता और बच्चे घर में मौजूद थे. विस्फोट से उनका मकान ढह गया. तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत इंफाल के अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. मां की हालत भी गंभीर है. उनका इलाज किया जा रहा है.

इलाके में दहशत

रॉकेट गिरने के बाद हुए धमाकों ने इलाके में दहशत फैला दी. ट्रोंगलाओबी गांव मणिपुर के चुराचांदपुर की तलहटी के पास है. यह उन इलाकों के काफी नजदीक है, जिसे सशस्त्र समूहों का इलाका माना जाता है. इस घटना के बाद यहां के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. जिले में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. गुस्साए लोगों ने चुराचांदपुर की ओर जा रहे एक तेल के टैंकर और कुछ ट्रकों में आग लगा दी. लोग मोईरांग पुलिस थाने के बाहर जुटे और प्रशासन से मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग करने लगे. 

हालात तब ज्यादा बिगड़ गए जब गुस्साई भीड़ ने सीआरपीएफ के कैंप पर हमला कर दिया. आक्रोशित भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को फायरिंग करनी पड़ी और स्मोक बम छोड़ने पड़े. इन सब में 19 लोगों के घायल होने की खबर है. एक व्यक्ति की मौके पर मौत होने की भी बात सामने आई है. 

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हालात ऐसे बन गए कि घटना को कवर करने गए पत्रकारों को भी नहर में छिपकर जान बचानी पड़ी. प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है. अफवाह न फैलें और हालात काबू में रहे, इसके लिए 5 जिलों में इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं.    

7 साल की बच्ची से रेप, मर्डर

इस घटना से दो दिन पहले 7 साल की एक बच्ची के साथ रेप की वारदात भी सामने आई है. इंफाल पूर्वी जिले में एक राहत शिविर से 7 साल की एक बच्ची रविवार, 5 अप्रैल को लापता हो गई थी. उसके अपहरण के आरोप में पुलिस ने 28 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया था. लैशराम लंगंबा नाम का आरोपी उसी मोरेह इलाके का रहने वाला था, जहां से बच्ची थी. वह भी राहत शिविर में रहता है. 

जिस दिन बच्ची लापता हुई थी, उसी रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. पूछताछ के बाद उसने कथित तौर पर बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या की बात कबूली. उसने ये भी बताया कि मर्डर के बाद उसने बच्ची के शव को कहां ठिकाने लगाया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सिंगजामेई इलाके में एक पुल के नीचे से बच्ची का शव बरामद किया है.

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