मणिपुर में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है. राज्य में हिंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. 13 फरवरी को इसके एक साल पूरे हो रहे हैं. अगर उससे पहले सरकार नहीं बनती है तो विधानसभा भंग करने की नौबत आ जाएगी. इसलिए अटकलें तेज हैं कि वहां जल्द ही BJP सहयोगी पार्टियों के साथ मिलकर नई सरकार का गठन कर सकती है.
मणिपुर में नई सरकार बनाने की कवायद तेज, दिल्ली पहुंच रहे हैं NDA के विधायक
Manipur Government Formation: भाजपा आलाकमान ने 2 फरवरी को मणिपुर में सरकार गठन पर चर्चा के लिए अहम बैठक बुलाई है. बैठक के लिए राज्य BJP समेत नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) और नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है.


इस बीच भाजपा आलाकमान ने 2 फरवरी को इसे लेकर अहम बैठक बुलाई है. बैठक के लिए राज्य BJP समेत नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) और नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है. मणिपुर BJP अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी भी दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी हैं. दिल्ली के लिए निकलने से पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी NDA विधायकों को बुलाया गया है. हमें उम्मीद और विश्वास है कि एक लोकप्रिय सरकार बनेगी.
BJP नेतृत्व ने अर्जेंट कॉल पर बुलायाइंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन नेताओं को BJP केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अर्जेंट कॉल पर बुलाया गया था. इसके बाद NDA के कई नेता दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. इधर पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी BJP सेंट्रल लीडरशिप से राज्य के नेताओं की मीटिंग के बाद किसी नतीजे की उम्मीद जताई है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा,
NDA सहयोगियों के सभी विधायकों को मीटिंग के लिए बुलाया जा रहा है, इसलिए मुझे सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है. इससे पहले, सभी BJP विधायकों की एक मीटिंग हुई थी. राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 12 फरवरी को खत्म होने वाला है. आइए सकारात्मक जवाब की उम्मीद करें.
यह पूछे जाने पर कि अगर वह पद पर बने रहते तो क्या हालात अलग होते, बीरेन सिंह ने कहा कि सरकार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. मैंने मणिपुर में हालात बदलने की पूरी कोशिश की. पहाड़ों और घाटी दोनों में बहुत बदलाव हुए हैं.
4 फरवरी को हो सकती है शपथबहरहाल राज्य में सरकार गठन की कोशिशों के बीच दावा किया जा रहा है कि 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है. दावा यह भी है कि मुख्यमंत्री मैतेई समुदाय से और 2 डिप्टी सीएम (कुकी + नागा समुदाय) से बनाने के फॉर्मूला पर सहमति बनी है. हालांकि जब तक आधिकारिक तौर पर तस्वीर साफ नहीं होती है, तब तक इन्हें महज अटकलें ही माना जाएगा.
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मालूम हो कि मणिपुर में 2023 से ही हिंसा के हालात बने हुए हैं. मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच पैदा हुए तनावों के बाद राज्य में जातीय हिंसा फैली थी. लंबे समय तक चली अस्थिरता के बाद राज्य में फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. उसके बाद से विधानसभा को फिलहाल निलंबित रखा गया है. बताते चलें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में फिलहाल BJP के 37 विधायक हैं. वहीं NDA के सहयोगी NPP के 6 और NPF के 5 सदस्य हैं. यानी NDA के पास स्पष्ट बहुमत है.
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