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3 बच्चों के पिता को चुनाव लड़ना था, 2 बच्चों का नियम आड़े आ गया, बेटी की हत्या कर दी

Maharashtra Panchayat Elections: आरोपी सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. पुलिस जांच में सामने आया कि इस मामले में गांव के मौजूदा सरपंच का भी रोल है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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घटना की जानकारी देते निजामाबाद पुलिस कमिश्नर साई चैत्नय. (ITG)
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अब्दुल बशीर

एक शख्स गांव का सरपंच बनने के लिए इतना जुनूनी था कि उसने अपनी बेटी की कथित तौर पर हत्या कर दी. कारण बना एक नियम. महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए एक नया नियम आया. जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं, वे चुनाव नहीं लड़ सकते. नांदेड़ जिले का पांडुरंग कोंडमंगले सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी में था. इसमें दिक्कत यह थी कि उसके तीन बच्चे थे. नए नियम के तहत वो चुनाव नहीं लड़ सकता था. आरोप है कि अपने बच्चों की संख्या तीन से दो करने के लिए उसने एक बेटी का मर्डर कर दिया.

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आरोपी पांडुरंग कोंडमंगले नांदेड़ के केरूर गांव का रहने वाला है. पुलिस ने बताया कि पांडुरंग ने अपनी बेटी को तेलंगाना के निजामपुर जिले की निजामसागर नहर में फेंक दिया. पानी में डूबकर बेटी की मौत हो गई. पास में काम कर रहे गांव वालों ने कुछ चीज को पानी में गिरते हुए सुना. वे वहां पहुंचे तो देखा कि लड़की का शव नहर में तैर रहा था. इस मामले में मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे का भी नाम सामने आया है.

इंडिया टुडे से जुड़े अब्दुल बशीर की रिपोर्ट के मुताबिक, निजामाबाद पुलिस कमिश्नर साई चैतन्य ने बताया कि पांडुरंग कोंडमंगले केरूर गांव में 'विराट सैलून' के नाम से एक सैलून चलाता है. उन्होंने आगे बताया कि मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे उस सैलून का रेगुलर कस्टमर है. पुलिस कमिश्नर के अनुसार, दोनों के बीच ग्राम पंचायत चुनाव पर बात हुई.

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पुलिस कमिश्नर साई चैतन्य ने आगे कहा,

“पांडुरंग और शिंदे की बातचीत में बात हुई कि एक नियम है, जिसके तहत चुनाव लड़ने के लिए सिर्फ दो बच्चे होने चाहिए. हालांकि, पांडुरंग के तीन बच्चे थे. उसने बच्चों की संख्या कम करने के लिए कई तरीके अपनाए ताकि वे चुनाव लड़ सकें.”

उन्होंने आगे बताया,

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"सबसे पहले, उसने एक बच्चे को गोद देने की कोशिश की. उसने बच्चे को पालने-पोसने के लिए किसी और को देने की भी बहुत कोशिश की. इस समस्या को सुलझाने के लिए वो पुणे कॉर्पोरेशन ऑफिस भी गया. जब ​​इनमें से कोई भी कोशिश काम नहीं आई, तो चुनाव जीतने और सिर्फ दो बच्चों वाले नियम का पालन करने के लिए पांडुरंग अपनी सबसे बड़ी बेटी प्राची को गणेश की बाइक पर ले गया. वो उसे निजामाबाद की तरफ ले गया और रास्ते में निजामसागर नहर के पास उसने बच्ची को पानी में धकेल दिया और चला गया. वो इतने दिनों से छिपा हुआ था, लेकिन हमें मिली जानकारी के आधार पर उसे पकड़ लिया गया."

तेलंगाना पुलिस को जानकारी मिली तो उसने जांच शुरू कर दी. जांच में नांदेड़ का कनेक्शन सामने आया, तो पुलिस वहां पहुंच गई. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना पुलिस ने आरोपी पांडुरंग से पूछताछ की. वो टालमटोल करने लगा, लेकिन फिर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

इस मामले में पुलिस ने पांडुरंग के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. गांव के मौजूदा सरपंच गणेश शिंदे को भी सह-साजिशकर्ता के तौर पर आरोपी बनाया गया है.

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