महाकुंभ में मचे भगदड़ में 10 से ज्यादा लोगों की मौत (Death Toll at Kumbh Stampede) की आशंका जताई जा रही है. वहीं 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है. घायलों को मेला क्षेत्र में बने केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के पास पहुंचे परिजनों ने अपनी आपबीती बताई है.
महाकुंभ: "पुलिस ने लाठी से भगाया, गाली दी और फिर..." मृतकों के परिजनों ने बताया कैसे मची भगदड़
Mahakumbh Stampede Update: महिला ने बताया कि पुलिस ने रात के 11 बजे उन्हें जगाया और डुबकी लेने को कहा. उन्होंने दावा किया कि पुलिस लाठी चला रही थी, इसके कारण भीड़ लग गई. प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती सुनिए.


मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सोनवा से कुंभ मेले में आईं लक्ष्मी ने लल्लनटॉप को बताया,
हम सब साथ में थे. एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था. तभी किसी ने धक्का मार दिया और हाथ छूट गया.
लक्ष्मी के साथ उनके रिश्तेदार भी थे. उनके साथ उनकी देवरानी और उनकी देवरानी की बेटी भी थीं. उन्होंने बताया धक्का-मुक्की के बाद उनकी देवरानी का हाथ उनकी बेटी के हाथ से छूट गया और वो दोनों नीचे गिर गए. लक्ष्मी के देवरानी की मौत हो गई. मृतका की बेटी ने बताया,
पब्लिक ने धक्का दिया तो हमलोग नीचे गिर पड़े. लोग हमारे ऊपर चढ़ गए. हमने आवाज भी दी कि हमें उठा दो लेकिन किसी ने नहीं उठाया. किसी ने हमारी मदद नहीं की. हम बोलते रहें कि मम्मी की डेथ हो गई है, हमें उठा दो. लेकिन कोई नहीं उठा रहा था. लोग हमारे ऊपर से जाते रहे. भगदड़ के समय वहां कोई पुलिस नहीं थी.
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मृतिका की बेटी ने रोते हुए कहा,
"पुलिस ने जान ली है…"मां के बारे में कुछ बता भी नहीं रहे. मैंने कहा कि मां से मुलाकात करा दो तो कहते कि इधर ही कहीं होगी. मुलाकात नहीं करा रहे. सारा सामान गुम हो गया. पैसे भी उसी में थे.
लक्ष्मी ने बीच में टोकते हुए कहा,
11 बजे रात को पुलिस आई और लाठी से जगाया. हमने कहा कि लेटे रहने दो. उन्होंने भगा दिया कि जाओ डुबकी ले लो. हमने मना किया कि हम सुबह में डुबकी लेंगे या दोपहर में. तो उन्होंने गाली देकर भगा दिया. इस तरह पूरी पब्लिक जमा हो गई. पुलिसवालों की गलती है सब. हमारी देवरानी को भीड़ ने नहीं बल्कि पुलिसवालों ने मारा है. उन्होंने जानबूझ कर ऐसा किया है. हमारे लोग तो सो रहे थे.
उन्होंने आगे बताया,
"शव की जानकारी नहीं मिल रही"पुलिस सिर्फ लाठी भांजने और लाउड स्पीकर पर बोलने आई थी. भगदड़ के समय क्यों नहीं आई?
चित्रकुट के तरौहा से आए एक व्यक्ति ने बताया कि इस हादसे में उनके बहनोई चंद्रपाल कुशवाहा की मौत हो गई. उन्होंने बताया,
किसी तरह मेरी तो जान बच गई लेकिन मेरे बहनोई की जान चली गई. उनका (शव का) पता भी नहीं चल रहा है. अस्पताल से भी कुछ नहीं बताया जा रहा. हादसे के बाद से ही उनको खोज रहे हैं. हमलोग नहाने जा रहे थे. घाट से 12 मीटर पहले हादसा हुआ है.
छतरपुर जिले से ही आए एक अन्य व्यक्ति ने बताया,
अखाड़ा परिषद ने क्या कहा?मेरी मां बहुत सीरियस थीं. उनको यहां (मेले क्षेत्र में बनें अस्पताल) में लाया गया था. अभी तक कुछ पता ही नहीं… पूछा तो बताया कि वो बड़े हॉस्पीटल में हैं. वहां चले जाओ. भगदड़ में पैसे का बैग भी वहीं छूट गया. मां सीरियस थीं तो बैग देखें कि मां को देखें. अभी तक मां की कोई जानकारी नहीं मिली है. किसी पुलिसवाले ने मदद नहीं की. एक पुलिसावाला आया था लेकिन वो भी देखकर चला गया.
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा,
करोड़ों लोग सुबह आ गए थे. हमने सुबह में प्रयास किया था कि आज स्नान स्थगित किया जाए. लेकिन अब भीड़ कम हो गई है. जहां हमें स्नान करना था वो खाली कराए जा रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि हम स्नान करेंगे. हम सभी आस्था की डूबकी लगाएंगे. सभी अखाड़ों के जूलुस निकलेंगे. बड़ा जूलुस नहीं निकलेगा लेकिन जुलूस निकलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CM योगी आदित्यनाथ से तीन बार फोन पर बात की है. उन्होंने स्थिति के बारे में बात की है और दिशा-निर्देश भी दिए हैं.
वीडियो: महाकुंभ: भगदड़ के बाद कुंभ में क्या स्थिति है?













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