Lucknow University Masjid: लखनऊ यूनिवर्सिटी के लाल बारादरी का गेट सील होने पर बवाल थम नहीं रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट सील कर दिया, जिससे लाल बारादरी परिसर में मौजूद मस्जिद में एंट्री भी बंद हो गई. कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और परिसर के बाहर नमाज पढ़ी. पुलिस ने इस मामले में 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है. हर छात्र को 50 हजार रुपये का निजी मुचलका और 50-50 हजार रुपये के दो जमानती जमा करने को कहा गया है.
लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज पढ़ने पर 13 छात्रों को पुलिस का नोटिस, भरना होगा 50-50 हजार का मुचलका
Lucknow University Namaz Row: लाल बारादरी परिसर में मौजूद मस्जिद में एंट्री भी बंद हो गई. कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया और परिसर के बाहर नमाज पढ़ी. पुलिस ने इस मामले में 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है. हर छात्र को 50 हजार रुपये का निजी मुचलका और 50-50 हजार रुपये के दो जमानती जमा करने को कहा गया है.


इंडिया टुडे से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 फरवरी को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के सहायक पुलिस आयुक्त/कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के तहत ये नोटिस जारी किए. इस संबंध में थाना हसनगंज पुलिस ने रिपोर्ट सौंपी थी.
जिन 13 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उनके नाम प्रिंस प्रकाश, अहमद रजा, शुभम खरवार, तौकीर गाजी, नवनीत यादव, प्रेम प्रकाश यादव, शिवाजी यादव, प्रसन्न शुक्ला, प्रिंस कुमार, अक्षय कुमार, अभिषेक श्रीवास्तव, कांची सिंह और मो. अयाज हैं.
सभी 13 छात्रों को कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर बताना होगा कि उनसे एक साल तक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी के तौर पर 50 हजार रुपये का निजी मुचलका और 50-50 हजार रुपये के दो जमानती क्यों ना लिए जाएं. 24 फरवरी को इन्हें पेश होने के लिए कहा गया है.

पुलिस प्रशासन ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में लाल बारादरी के पास चल रहे निर्माण कार्य को रोकने की कोशिश, कैंटीन के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक जगह पर नमाज पढ़ने की कोशिश के आरोप में छात्रों पर यह कार्रवाई की है. पुलिस का कहना है कि इससे शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पैदा हुई.
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विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी की इस मस्जिद में लंबे समय से नमाज पढ़ी जा रही है, लेकिन यूनिवर्सिटी ने अब अचानक रोक लगा दी. 22 फरवरी को कुछ छात्रों ने बंद परिसर के बाहर नमाज भी पढ़ी, जिसमें कई हिंदू छात्रों ने उनका साथ दिया.
हालांकि, हिंदू छात्रों के एक गुट ने नमाज का विरोध किया. 24 फरवरी को भारी पुलिस बल के बीच इस गुट के कुछ छात्रों ने नमाज के विरोध में लाल बारादरी परिसर के सामने हनुमान चालीसा पढ़ा. उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी में नमाज नहीं होनी चाहिए.
लाल बारादरी लगभग 200 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसका निर्माण सन 1800 में नवाब नसीरुद्दीन हैदर ने कराया था. यह संरचना लखनऊ यूनिवर्सिटी की स्थापना से पहले की है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत यह इमारत संरक्षित स्मारक के तौर पर दर्ज है.
वीडियो: लखनऊ यूनिवर्सिटी के लाल बारादरी मस्जिद पर बवाल क्यों?















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