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लखनऊ में पालतू कुत्ते की बीमारी से दुखी दो सगी बहनों ने सुसाइड कर लिया

राधा और जिया के परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि कुत्ते की बीमारी ठीक नहीं हो रही थी. उसने खाना भी छोड़ दिया था. इससे दोनों बहनों को डर सताने लगा था कि उनका प्यारा पेट डॉग अब नहीं बचेगा. कुत्ते के साथ उन्होंने भी खाना छोड़ दिया था.

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लखनऊ में दो सगी बहनों ने पालतू कुत्ते की बीमारी से परेशान होकर की आत्महत्या. (फोटो-इंडिया टुडे)
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अंकित कुमार

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दो सगी बहनों की कथित आत्महत्या ने लोगों को हिलाकर रख दिया है. बताया जा रहा है कि दोनों बहने अपने पालतू कुत्ते की बीमारी से सदमे में थीं. उन्हें कुत्ते के मरने का डर इस कदर घर कर गया कि उनका मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो गया था. उन्हें अपने पालतू कुत्ते की मौत का डर खाए जा रहा था. कहा जा रहा है कि इसी कारण उन्होंने अपनी जान दे दी. हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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मृतकों की पहचान 23 साल की राधा सिंह और 22 साल की जिया सिंह के तौर पर हुई है. दोनों लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के दोदा खेड़ा जलालपुर की निवासी थीं. इंडिया टुडे से जुड़े अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक महीने से उनका पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता टोनी बीमार था. उसकी सेहत में सुधार न होने की वजह से दोनों बहने मानसिक रूप से परेशान हो गई थीं. 

रिश्तेदारों और आसपड़ोस के लोगों के हवाले से बताया गया है कि इस कारण उन्होंने 24 दिसंबर को आत्महत्या कर ली. परिजनों फौरन दोनों को हॉस्पिटल ले गए. रास्ते में बड़ी बहन राधा की मौत हो गई. वहीं, छोटी बहन जिया ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दोनों बहनें ग्रेजुएट थीं.

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पालतू कुत्ता टोनी.

राधा और जिया के परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि कुत्ते की बीमारी ठीक नहीं हो रही थी. उसने खाना भी छोड़ दिया था. इससे दोनों बहनों को डर सताने लगा था कि उनका प्यारा पेट डॉग अब नहीं बचेगा. कुत्ते के साथ उन्होंने भी खाना छोड़ दिया था. दोनों युवतियों की मां ने बताया कि बुधवार को उनकी बेटियां दुकान से सामान लेकर लौटने के बाद कराह रही थी. उन्होंने वजह पूछी तो बेटियों ने खुद बताया कि उन्होंने जानलेवा कदम उठा लिया है. 

मां ने रोते हुए कहा कि मौत के पहले उनकी बेटियों ने उनसे एक ही बात कही, 'हमारे मरने के बाद डॉगी को भगाना मत, उसे घर में रखना और उसकी दवा कराते रहना.'

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पड़ोसियों-रिश्तेदारों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. लड़कियों के पिता कैलाश सिंह रुई की धुनाई का काम करते हैं. एक छोटा भाई था, जिसकी 7 साल पहले ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई थी. बड़ा भाई वीर सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है. घटना के बाद इलाके के लोग हैरान हैं.

पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं. परिवार के लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. 

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