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पंडाल में क्या अनाउंसमेंट हुई कि मच गई भगदड़, महिला ने बताई कोलकाता में 19 मौतों की वजह

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई और करीब 25 लोग घायल हुए. सुरभी जायसवाल नाम की महिला ने दावा किया कि माइक से एक अनाउंसमेंट हुआ था, जिससे लोग घबरा गए.

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महिला ने माइक में अनाउंसमेंट को लेकर गंभीर आरोप लगाए. (COURTSEY-ITG)

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  • कोलकाता के चोरबागान दुर्गोत्सव पंडाल में 17 अक्टूबर को माइक से की गई अनाउंसमेंट के बाद भगदड़ हुई जिसमें 19 लोगों की मौत और करीब 25 लोग घायल हुए।
  • तेज बारिश और पंडाल के छोटे प्रवेश-निर्गमन गेटों के कारण भीड़ के नियंत्रण में समस्या आई, साथ ही बच्चों को भीड़ संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।
  • पुलिस ने घटना के सिलसिले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, और आगे जांच प्रक्रिया चल रही है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ हो गई. चोरबागान सार्बजनिन दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 17 अक्टूबर को हुए हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हैं. घटनास्थल पर मौजूद एक महिला ने बताया कि पंडाल में माइक से एक अनाउंसमेंट हुआ, जिसके कारण अचानक भगदड़ मच गई.

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सुरभी जायसवाल नाम की महिला ने आयोजकों पर लापरवाही और बदइंतजामी का आरोप लगाया. उन्होंने ने ही माइक से अनाउंसमेंट वाली बात बताई. सुरभी का दावा है कि वो अनाउंसमेंट ही वो ट्रिगर पॉइंट था, जिससे भगदड़ हुई. 

सुरभी जायसवाल ने क्या बताया? 

सुरभी जायसवाल ने आजतक से जुड़े इंद्रजीत कुंडू से बात की. उन्होंने बताया कि पंडाल में माइक से एक ऐलान हुआ. उनके मुताबिक, यही ऐलान भगदड़ की बड़ी वजह बना. सुरभी बताती हैं,  

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इन लोगों ने जो अनाउंसमेंट किया कि इतने लोग अंदर आएंगे तो पंडाल गिर जाएगा, जिससे लोग पैनिक हो गए, तो आपको वो अनाउंसमेंट नहीं करनी चाहिए थी. आप ऐसा कौन सा पंडाल बनाते हैं कि वो गिर जाएगा, लोग अंदर कोई तोड़-फोड़ नहीं कर रहे थे.  

एंट्री और एग्जिट के गेट छोटे थे 

सुरभी जायसवाल ने कहा कि पंडाल में कई स्टाल्स होते हैं, लेकिन एंट्री और एग्जिट के गेट की हाइट बहुत छोटी होती है. इतने बड़े पंडाल में इतने छोटे गेट से लोगों की एंट्री-एग्जिट कराई जाती है. उन्होंने कहा,  

जब लोग अंदर जाते हैं, तो यह एक स्पाइरल जेल जैसा होता है. आप कहीं भाग नहीं सकते, आप स्टेज पर भी नहीं जा सकते. आप अपनी पत्नी या बच्चों को मां के स्टेज पर भी खड़ा नहीं कर सकते. आपने एक पूरी जेल बना दी है, लोगों को दम घोंटकर मारने की जेल. आपका कॉन्सेप्ट एकदम बेकार है, एकदम बेकार. मैं खुद दो दिन पहले अपने छोटे बच्चे के साथ यहां आई थी. मैं सोच रही थी कि अगर मैं कल यहां होती, तो क्या करती.  

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उन्होंने कहा कि पंडाल में भीड़ को कंट्रोल करने का जिम्मा बच्चों को दिया गया था. लोग उन बच्चों की बात नहीं सुन रहे थे. शाम को तेज बारिश की वजह से भी लोग बड़ी संख्या में पंडाल के अंदर जुटने लगे. फिर बाद में भगदड़ मची, जिस कारण 19 जानें चली गईं.    

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