कोलकाता के जिस दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की रात हादसा हो गया, वह अपने पूजा का 91वां साल मना रहा है. इस बार पंडाल की थीम ‘आरोब’ है, जो बंगाली का एक शब्द है. इसका मतलब होता है शोर-शराबे और आवाज से दूर रहना. इस पंडाल में मां दुर्गा को गहरे ध्यान में लीन दिखाया गया है. लाइटिंग और अन्य संसाधनों से पंडाल में शांतिमय माहौल बनाने की कोशिश की गई लेकिन शनिवार, 17 अक्टूबर को यहां भगदड़ के शोर से 17 लोगों की जान चली गई.
'शांति' की थीम वाले कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ कैसे मची?
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम भगदड़ से 17 लोगों की मौत हो गई. भारी भीड़ और बारिश के बीच हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है.

हर किसी के मन में यही सवाल है कि इतने पुराने पूजा पंडाल में व्यवस्था की कौन सी कमी रह गई, जिससे ये हादसा हो गया?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 17 अक्टूबर की शाम को करीब 7:40 बजे हुई. उस समय पंडाल में भारी भीड़ थी और बारिश भी हो रही थी. हादसे को अपनी आंख से देखने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भारी संख्या में लोग पंडाल में दर्शन करने आए थे. खचाखच भीड़ थी. तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई. बाहर की भीड़ पंडाल के अंदर घुसने लगी लेकिन पंडाल में पहले से काफी संख्या में लोग थे. इसी बीच भगदड़ मची और ये हादसा हो गया.
मौके पर मौजूद इंडिया टुडे के रिपोर्टर इंद्रजीत ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान हुई ये घटना बेहद असामान्य है. उन्हें बताया गया कि इस इलाके में काफी भीड़ थी. यह मध्य कोलकाता का इलाका है, जो सेंट्रल एवेन्यू पर राम मंदिर के ठीक पास स्थित है. शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम से यहां भारी भीड़ जमा थी. शाम को तेज बारिश हुई थी. इसी दौरान पंडाल में प्रवेश करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते यह बेहद दुखद हादसा हुआ.
सीएम ने क्या कहा?पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी हादसे की वजह बताई. उन्होंने मौके पर मौजूद एसीपी से मिली प्रारंभिक जानकारी के हवाले से बताया कि एक प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और सीटी बजने के बाद भगदड़ मची.
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, बारिश के बावजूद दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. इसी दौरान गिरीश पार्क थाना इलाके के सरदा पार्क (चोरबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर निकलने वाले गेट पर भगदड़ मच गई.
हालांकि, भगदड़ की सही वजह के बारे में जांच के बाद ही पता चल पाएगा. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई गई है. इसके अलावा सीएम ने निर्देश दिया है कि हादसे के वक्त मौके पर मौजूद कमेटी के सदस्यों और स्वयंसेवकों को पुलिस तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ करे.
इस बीच चोरबागान दुर्गा पूजा कमेटी के महासचिव जयंत बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कमेटी के बाकी पदाधिकारियों ने भी घटना के बाद अपने इस्तीफे की पुष्टि की है.
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