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केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को बड़ी राहत, जमीन कब्जे के केस की जांच पर रोक लगी

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर रामनगर जिले के केथागनहल्ली में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप है. इसकी जांच के लिए कर्नाटक सरकार ने जनवरी में एसआईटी गठित की थी. SIT ने कुमारस्वामी को मामले में समन भी जारी किया था. अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने एसआईटी के गठन पर ही रोक लगा दी है.

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कुमारस्वामी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है (फोटोः India Today)

कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) ने गुरुवार 19 जून को केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने रामनगर जिले के केथागनहल्ली (Kethaganahalli) गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की जांच कर रही SIT की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है. यह फैसला तब आया है जब कुमारस्वामी ने SIT के गठन को ही कोर्ट में चुनौती दी थी. राज्य सरकार ने जनवरी 2025 में SIT बनाई थी, ताकि कुमारस्वामी पर लगे अवैध कब्जे के आरोपों की जांच की जा सके.

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मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ईएस इंदिरेश ने पाया कि सरकार ने SIT के गठन का जो आदेश निकाला था, उसके साथ कोई औपचारिक अधिसूचना (Official Notification) जारी नहीं की थी. उन्होंने इस प्रक्रिया में ‘खामी’ मानते हुए SIT के गठन और कुमारस्वामी को भेजे गए समन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी.

यह फैसला कुमारस्वामी के लिए बड़ी राहत है क्योंकि उन्होंने SIT के गठन और उनके खिलाफ भेजे गए समन को गैरकानूनी बताया था.

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बदले की भावना का आरोप

केंद्रीय मंत्री पर जमीन कब्जे के आरोपों के बाद राज्य सरकार ने रामनगर में जमीन का सर्वे भी कराया था. इसे लेकर कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि यह राजनीतिक बदले की भावना से करवाया गया है. 

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कुमारस्वामी ने कहा, 

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मैंने ‘सिद्दारमैया की तरह’ सरकारी जमीनें नहीं लूटीं. जांच करवा लो. मेरे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है.

कुमारस्वामी ने दावा किया कि उन्होंने केथागनहल्ली की जमीन 1984 में कानूनी तरीके से खरीदी थी. उन्हें इस मामले में जानबूझकर परेशान किया जा रहा है.

कुमारस्वामी के बदले की राजनीति के आरोपों को खारिज करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि अगर वो किसी अतिक्रमण में शामिल नहीं हैं, कुछ भी चुराया नहीं है तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. हर चीज के लिए उनके पास डॉक्युमेंट्स होंगे ही तो उन्हें क्यों चिंतित होना चाहिए.

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