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बेटे से मिलने अस्पताल गया पिता लिफ्ट में फंसा, बचाने वाला स्टाफ ही नहीं, दम घुटने से मौत

Kolkata RG Kar Hospital lift incident: कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में एक शख्स की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई. आरोप है कि लिफ्ट खराब हो गई, जिससे तीन लोग अंदर फंस गए. शुरुआती जांच में लिफ्टमैन की गैर-मौजूदगी और लिफ्ट के अंदर काम न करने वाले इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के कारण रेस्कूय ऑपरेशन में देरी की बात सामने आई है.

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घटना के समय लिफ्ट में एक ही परिवार के तीन लोग मौजूद थे. (फोटो-इंडिया टुडे)

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में एक शख्स की कथित तौर पर लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई. आरोप है कि लिफ्ट बेसमेंट में आकर रुकी और फिर बंद हो गई. दरवाजा खुला, तो मृतक अंदर बेहोश पड़ा था. उसे तुरंत इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों और रखरखाव में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है. पुलिस ने 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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मृतक की पहचान दम दम के रहने वाले अरूप बनर्जी के रूप में हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार तपस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना शुक्रवार, 20 मार्च के तड़के करीब 5 बजे हुई. उस समय लिफ्ट में तीन लोग मौजूद थे. एक मृतक, उनकी पत्नी और छोटा बेटा.

बताया गया कि अरूप अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ हॉस्पिटल गए थे. वहां उनका बड़ा बेटा एडमिट था. मरीज से मिलने के बाद वे तीनों लिफ्ट से ग्राउंड पर फ्लोर पर आ रहे थे. मगर लिफ्ट उन्हें चौथी मंजिल से सीधा बेसमेंट में लेकर आ गई.

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परिवार ने गेट खोलने की कोशिश की. चिल्लाए लेकिन जब किसी को आवाज नहीं आई, तो उनका छोटा बेटा जैसे-तैसे वेंटिलेशन गैप से बाहर निकला. बाहर आकर उसने अन्य लोगों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद हॉस्पिटल स्टाफ मौके पर पहुंचा और गेट खोलने की कोशिश की. बताया गया कि स्टाफ को दरवाजे खोलने के लिए चाबियां ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.

लेकिन जब लिफ्ट का दरवाजा खुला तो, अरूप अंदर बेहोश पड़े थे. उन्हें जल्द इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी मौत सांस लेने में दिक्कत की वजह से हुई है या फिर किसी अन्य कारण से, ये पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पता चल जाएगा. पुलिस ने 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज कर कर जांच शुरू कर दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों और पीड़ितों ने बताया कि लिफ्ट को चलाने या किसी आपात स्थिति में मदद करने के लिए ड्यूटी पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. और लिफ्ट एक दिन पहले भी खराब हुई थी.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सुबह शिफ्ट के दौरान ड्यूटी पर मौजूद लिफ्ट ऑपरेटर और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है. पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की एक विशेष टीम लिफ्ट के मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच कर रही है. ताकि यह पता लगाया जा सके कि लिफ्ट अपने तय स्टॉप पर क्यों नहीं रुकी. 

शुरुआती जांच में लिफ्ट के अंदर इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के ना होने और लिफ्टमैन की गैर मौजूदगी की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी की बात सामने आई है. 

वीडियो: ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली के उत्तम नगर में 400 झुग्गियां जलकर खाक, चश्मदीदों ने क्या बताया?

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