केरलम के कोच्चि में 25 अक्तूबर को एक सड़क हादसे में 55 साल के जयबालकृष्णन की मौत हो गई थी. आरोप है कि उन्हें टक्कर मारने वाली मर्सिडीज़ एक अतिरिक्त जिला जज का 17 साल का बेटा चला रहा था.हादसे के बाद पुलिस जांच हुई. जांच पर सवाल उठे और अब कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कलिराज महेश कुमार का तबादला कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, मर्सिडीज़ ने एक स्कूटर को टक्कर मारी, जिसमें जयबालकृष्णन की जान चली गई.दावा है कि नाबालिग के पास मिले एक वीडियो में कार करीब 104 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती दिख रही है.
कोच्चि मर्सिडीज़ क्रैश केस: पुलिस कमिश्नर का तबादला, एक्शन में सरकार और पुलिस विभाग
केरलम के कोच्चि में नाबालिग के मर्सिडीज़ से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे थे. गृहमंत्री ने शुरुआती लापरवाही मानी. पुलिस कमिश्नर का तबादला हुआ और चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पहले BNS की धारा 106(1) यानी लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया.उसी दिन, 25 अक्तूबर को, नाबालिग को थाने से जमानत भी मिल गई. इसके बाद मृतक का परिवार और स्थानीय लोग थाने के बाहर प्रदर्शन करने लगे.तब पुलिस ने आरोपी को दोबारा हिरासत में लिया और धारा 105 यानी गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया. रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उसे फिर जमानत मिल गई.
जज के घर तलाशी26 अक्तूबर को केरल हाई कोर्ट की इजाज़त के बाद जज को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत आरोपी बनाया गया.इस धारा में अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए अपराध करे, तो कुछ हालात में उसके गार्जियन या गाड़ी के रजिस्टर्ड मालिक को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है. अगले दिन, 27 अक्तूबर को, पुलिस ने जज के घर की तलाशी ली और CCTV फुटेज जुटाए.
यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर 21 लाख फॉलोअर्स, चुनाव में मिले 33 वोट, इनफ्लूएंसर के साथ हो गया खेल
सरकार ने मानी गलती27 अक्तूबर को विधानसभा में केरल सरकार में गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने माना कि शुरुआत में पुलिस ने सही कानूनी धारा नहीं लगाई थी.उन्होंने बताया कि मामला पता चलते ही उन्होंने DGP से बात की और अतिरिक्त एसपी पी. विजयन को पीड़ित परिवार से मिलने भेजा. विजयन की रिपोर्ट के आधार पर चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए. इनमें एक सर्किल इंस्पेक्टर, एक SHO, एक ग्रेड सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सिविल पुलिस ऑफिसर हैं.
मंत्री ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की भी आलोचना की. उनके मुताबिक, मृतक का अंतिम संस्कार होने से पहले ही नाबालिग को जमानत दे दी गई थी. परिवार का आरोप है कि केस को कमज़ोर करने की कोशिश हुई. विपक्ष ने भी पुलिस की कार्रवाई के विरोध में विधानसभा से वॉकआउट किया. जांच अब जिला क्राइम ब्रांच के पास है. कमिश्नर का तबादला हो चुका है और चार पुलिसकर्मी निलंबित हैं.
वीडियो: Cyclone Arnab update: तूफान से आंंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में मची तबाही, IMD ने चेतावनी जारी की













