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'बाथरूम में छिपकर बचाई जान... ', JNU में रविवार रात लेफ्ट और ABVP के बीच क्या-क्या हुआ?

JNU Violence: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर हिंसा को लेकर चर्चा में है. इस बार लेफ्ट और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प देखने को मिली, जिसमें कई छात्र घायल हो गए हैं. छात्रों का कहना है कि उन्होंने बाथरूम, लाइब्रेरी में छिपकर अपनी जान बचाई.

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स्टूडेंट्स VC के बयान के खिलाफ कर रहे थे प्रदर्शन. (Photo: ITG)

दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर जंग का मैदान बन गई. दो छात्र संगठनों के बीच शुरू हुई झड़प हिंसा में बदल गई. लेफ्ट के छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट, हिंसा और धमकाने का आरोप लगाया है. कुछ स्टूडेंट्स इस हिंसा में घायल भी हुए हैं.

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक रविवार, 22 फरवरी की रात को कुछ स्टूडेंट ने साबरमती टी पॉइंट से वाइस-चांसलर के घर के पास ईस्ट गेट तक मार्च निकाला था. स्टूडेंट्स वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित की ओर से हाल ही में एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

ABVP और लेफ्ट आमने-सामने

इसी मार्च के बाद हिंसक झड़पों की खबरें आने लगीं. सोशल मीडिया पर कथित वीडियोज शेयर किए जाने लगे, जिनमें छात्रों पर हमले, उन पर पत्थर फेंके जाने और कैंपस में छात्रों के साथ मारपीट के दावे किए जा रहे थे. इसके बाद लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों ने ABVP के सदस्यों पर हिंसा का आरोप लगाया. लेफ्ट ग्रुप्स ने कुछ वीडियोज भी शेयर किए, जिसके साथ कहा गया कि देखिए कैसे ABVP ने पत्थरबाजी शुरू कर दी.

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आजतक में छपी आशुतोष कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक छात्रसंघ का कहना है, 'JNUSU ने वाइस चांसलर से माफी और इस्तीफे की मांग करते हुए ईस्ट गेट तक मार्च निकालने का आह्वान किया. जब हजारों स्टूडेंट्स SL–SIS लॉन में इकट्ठा हुए, तो ABVP के सदस्यों ने कैंप की जगह पर पत्थर और ईंटें फेंकना शुरू कर दिया. उन्होंने वाइस चांसलर की बातों का विरोध कर रहे लोगों को गालियां दीं और कई स्टूडेंट्स पर लाठियों से हमला किया.'

लेफ्ट ग्रुप्स ने हिंसा को स्टूडेंट्स के आंदोलन पर बड़ा हमला बताया. वहीं जवाब में ABVP ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए लेफ्ट संगठनों पर ही हिंसा का आरोप लगाया. ABVP ने एक्स पर कुछ वीडियोज शेयर करते हुए दावा किया कि लेफ्ट छात्र संगठनों ने पूरे कैंपस में हिंसा की. छात्रों को पीटा और उन पर हमला किया. ABVP ने पुलिस से भी लेफ्ट संगठनों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की.

एबीवीपी के छात्रों के अनुसार, 'बीती रात हम 10-15 छात्र थे, इस दौरान 200 से 300 की संख्या में लेफ्ट समर्थित लोग आए और हमला कर दिया. जैसे तैसे हम लोगों ने भाग कर जान बचाई और हम लोग बाथरूम में अपना दरवाजा बंद करके बचे. इस पूरे बवाल के दौरान 10 से 15 हमारे साथियों को चोटे आई हैं. हमें चोट आई है. हमें अधमरा करके छोड़ दिया गया, जब पुलिस मौके पर आई तो हमारी जान बची.'

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क्यों हो रहे थे प्रदर्शन?

मालूम हो कि यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स VC शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के UGC गाइडलाइन्स पर दिए गए एक बयान का विरोध कर रहे थे. VC ने एक इंटरव्यू में कहा था कि आप हमेशा विक्टिम बनकर या विक्टिम कार्ड खेलकर तरक्की नहीं कर सकते. यह अश्वेतों के लिए किया गया था. यही चीज यहां दलितों के लिए लाई गई. उनके इस बयान पर JNU स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट के छात्रों ने खूब हंगामा किया.

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स्टूडेंट्स यूनियन ने इसे जातिवादी बयान बताया और VC के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. इसी को लेकर रविवार रात को VC के घर तक मार्च भी निकाला गया, जिसके बाद कैंपस में हिंसा शुरू हो गई. पूरे विवाद पर VC शांतिश्री पंडित ने सफाई भी दी है. उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया. उन्होंने इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनका बयान जातिवादी था. उन्होंने कहा कि वो खुद एक बहुजन हैं और OBC बैकग्राउंड से आती हैं. 

वीडियो: JNU में VC की टिप्पणी पर बवाल, इस्तीफ़े की मांग कर रहे छात्रों पर हुई पत्थरबाज़ी?

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