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वाइट कॉलर नेटवर्क, 2900Kg विस्फोटक... जैश के पोस्टर ने 'डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल' तक पहुंचा दिया

Jammu Kashmir Terror Module: 2900 किलोग्राम IED बनाने के सामान में विस्फोटक, केमिकल, जलाने वाला सामानी, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर, मेटल शीट्स आदि शामिल हैं.

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जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा बरामद हथियार (बाएं), जांच के सिलसिले में तलाशी लेती पुलिस. (ITG)
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अरविंद ओझा

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक इंटरनेशनल टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में पुलिस को 2900 किलोग्राम विस्फोटक बनाने का सामान बरामद करने में कामयाबी मिली. इसके अलावा 3 डॉक्टरों समेत 8 संदिग्ध आतंकियों को भी गिरफ्तार किया गया है. इन्हें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़ा बताया जा रहा है. इनमें एक महिला डॉक्टर भी शामिल है. इस 'सफेदपोश' मॉड्यूल के तार देश के कई राज्यों में फैले हैं.

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इंडिया टुडे से जुड़े मीर फरीद की रिपोर्ट के मुताबिक, 2900 किलोग्राम विस्फोटक बनाने के सामान समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. ये कार्रवाई जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में साझा छापेमारी के दौरान की गई. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जानकारी दी कि 19 अक्टूबर 2025 को श्रीनगर के बनपोरा नौगाम में अलग-अलग जगहों पर जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर पाए गए थे.

आरोप है कि इन पोस्टरों में पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी. इसके बाद पुलिस स्टेशन नौगाम में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की गई. जांच में एक 'वाइट कॉलर' आतंकवादी नेटवर्क का पता चला, जिसमें कई पेशेवर और छात्र शामिल थे. पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान और अन्य देशों से काम कर रहे विदेशी हैंडलर्स से इनका संपर्क था.

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ये ग्रुप कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने, पैसे जुटाने, और हथियारों और विस्फोटक सामान की सप्लाई करने का काम करता था. आरोप है कि एजुकेशनल और सोशल कनेक्शन के जरिए ऐसा किया जाता था. पुलिस ने दावा किया कि ये ग्रुप आतंकी एक्टिविटी के लिए नए लोगों को भर्ती करने और उन्हें IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में भी मदद करता था.

इन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया

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  • अरिफ निजार दार उर्फ साहिल (निवासी नौगाम, श्रीनगर)
  • यासिर-उल-अशरफ (निवासी नौगाम, श्रीनगर)
  • मकसूद अहमद दार उर्फ शाहिद (निवासी नौगाम, श्रीनगर)
  • मौलवी इरफान अहमद (निवासी शोपियां)
  • जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा (निवासी वकुरा, गंदरबल)
  • डॉ. मुजम्मिल अहमद गनी उर्फ मुसैब (निवासी कोइल, पुलवामा)
  • डॉ. आदिल (निवासी वानपोरा, कुलगाम)
  • डॉ. शाहीन शाहिद (निवासी लाल बाग, लखनऊ)

इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. शाहीन शाहिद की कार आरोपी डॉ. मुजम्मिल अहमद इस्तेमाल करता था. इस महिला डॉक्टर की कार से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. इसके अलावा कुछ और संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है.

पुलिस ने जांच के दौरान कई जगहों पर छापेमारी की. इनमें श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और शोपियां के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी छापे मारे गए. पुलिस ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, हथियार और IED बनाने का सामान भी बरामद किया. बरामद सामग्री में शामिल हैं:

  • एक चीनी स्टार पिस्टल (गोलाबारूद समेत)
  • एक बेरेटा पिस्टल (गोलाबारूद समेत)
  • एक AK 56 राइफल (गोलाबारूद समेत)
  • एक AK क्रिंकॉफ राइफल (गोलाबारूद समेत)

2900 किलोग्राम IED बनाने के सामान में विस्फोटक, केमिकल, जलाने वाला सामानी, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर, मेटल शीट्स आदि शामिल हैं. पुलिस ने इस जांच में पैसों के लेनदेन के लिंक्स की भी इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है. पुलिस ने कहा कि इन सभी लिंक्स को जल्द ही ट्रेस करते हुए एक्शन लिया जाएगा.

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