उत्तर प्रदेश के जालौन में बीजेपी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन से धक्का-मुक्की के बाद आईएएस रिंकू सिंह राही का तबादला हो गया है. आरोप है कि रिंकू सिंह राही ने सिर्फ धक्का ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें थप्पड़ मारने की कोशिश की और उनका मोबाइल भी छीनकर फेंक दिया. इसका वीडियो जब वायरल हुआ तो मामला गरमा गया. जांच बैठी और फिर रिंकू सिंह राही का जालौन से तबादला कर दिया गया. उन्हें SDM पद से हटाकर उरई में न्यायिक मजिस्ट्रेट बना दिया गया.
IAS रिंकू सिंह फिर विवादों में, BJP ब्लॉक प्रमुख को धक्का देने के आरोपों के बाद तबादला
उत्तर प्रदेश के जालौन में IAS रिंकू सिंह रही ने बीजेपी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन को धक्का दे दिया. बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि IAS ने उन्हें सिर्फ धक्का नहीं दिया बल्कि थप्पड़ मारने की भी कोशिश की. अब उनकी मांग है कि अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज होना चाहिए.


लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. अब ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन का कहना है कि सिर्फ ट्रांसफर कर देने से मामला खत्म नहीं हो जाता. अगर किसी जनप्रतिनिधि के साथ गलत व्यवहार हुआ है, तो सिर्फ तबादला कोई सज़ा नहीं है. संबंधित अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए, निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई भी होनी चाहिए.
उन्होंने ये भी कहा कि वो इस मामले को यहीं नहीं छोड़ेंगे. जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों तक जाएंगे. उनके मुताबिक ये लड़ाई किसी एक अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और कानून के बराबर पालन की है.
वायरल वीडियो 23 जून का है. आजतक से जुड़े अलीम सिद्दीकी की रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन SDM रिंकू सिंह जालौन की बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. उसी समय वहां BJP ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन भी मौजूद थे.
आरोप है कि दस्तावेज़ दिखाने को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई और देखते-देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया. CCTV फुटेज में रिंकू सिंह धक्का देते और मोबाइल फोन फेंकते दिखाई देते हैं. रामराजा निरंजन का आरोप है कि SDM ने सिर्फ ढाई मिनट के अंदर सारे दस्तावेज़ दिखाने को कहा था, जबकि ऐसा करना संभव नहीं था. उनका कहना है कि जब तय समय में कागज़ नहीं दिखाए जा सके, तो SDM ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ मारने की कोशिश की. रामराजा निरंजन ने कहा,
रामराजा निरंजन का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने ज़िलाधिकारी से शिकायत की थी, जिसके बाद निरीक्षण रोक दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, ज़िलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है. उनका कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, इन आरोपों पर फिलहाल रिंकू सिंह राही की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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IAS पहले भी रहे विवादों मेंरिंकू सिंह राही पहली बार विवादों में नहीं आए हैं. जुलाई 2025 में जब वो मथुरा से ट्रांसफर होकर शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में SDM बनकर पहुंचे थे, तब चार्ज लेने के तुरंत बाद उन्होंने दफ्तरों का निरीक्षण शुरू किया. इसी दौरान उन्होंने एक शख्स को तहसील परिसर की दीवार पर पेशाब करते देखा. उन्होंने उसे डांटा और सज़ा के तौर पर उठक-बैठक लगवाई. बाद में पता चला कि वो शख्स एक वकील का मुंशी था.
फिर 26 मार्च 2026 को खबर आई कि रिंकू सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. उनका कहना था कि उन्हें काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा. करीब एक महीने बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. इसके बाद मई 2026 में उनकी जालौन में पोस्टिंग हुई. और अब उसी पोस्टिंग के दौरान सामने आया ये वीडियो नया विवाद खड़ा कर चुका है.
वीडियो: जालौन में आईएएस और बीजेपी नेता के बीच बहस के बाद बढ़ा विवाद



















