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ईरान में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत, सरकार ने ट्रंप को दी वॉर्निंग

Iran protests updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करती है, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.

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IHR ने कहा कि उसने कम से कम 192 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि कर ली है. (फोटो- AP)

ईरान में जारी अशांति और सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन ने (Iran Protest News) देश को गहरे संकट में डाल दिया है. मानवाधिकार संगठन HRANA ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को बताया कि दो हफ्तों से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इसमें 490 प्रदर्शनकारी और 48 सिक्योरिटी पर्सनल शामिल हैं. जबकि 10,600 से अधिक लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है.

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ईरान में प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के इस्तीफे, शासन के अंत और यहां तक कि पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी की वापसी की मांग कर रहे हैं. देश के 31 राज्यों के अलग-अलग शहरों में हजारों-लाखों लोग सड़कों पर उतरे. जहां वो "तानाशाह मुर्दाबाद" और "इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे हैं. कई जगहों पर लायन एंड सन झंडा (पहलवी युग का प्रतीक) लहराया गया.

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देश के 31 राज्यों के अलग-अलग शहरों में हजारों-लाखों लोग सड़कों पर उतरे, जहां वो "तानाशाह मुर्दाबाद" और "इस्लामी गणराज्य मुर्दाबाद" जैसे नारे लगा रहे हैं. 

उधर ईरान की सरकार ने प्रदर्शन रोकने के लिए कठोर कदम उठाए हैं. इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गईं, जिससे कम्युनिकेशन सर्विसेज पर प्रभाव पड़ा है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करती है, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार और लोडेड है, और प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए खड़ा है. ट्रंप 13 जनवरी को सीनियर सलाहकारों के साथ ईरान पर संभावित कार्रवाई की बैठक करने वाले हैं.

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ईरान का कड़ा रुख

इसके जवाब में ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ (जो पूर्व में रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर रह चुके हैं) ने अमेरिका को सीधे चेतावनी दी. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा,

"अगर ईरान पर हमला हुआ, तो इजराइल (जिसे वो 'कब्जे वाला क्षेत्र' कहते हैं) और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य बेस व जहाज हमारे निशाने पर होंगे."

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इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गईं, जिससे कम्युनिकेशन सर्विसेज पर प्रभाव पड़ा है. 

दूसरी ओर, रेजा पहलवी (ईरान के अंतिम शाह के बेटे, जो अमेरिका में निर्वासित हैं) ने सोशल मीडिया पर ईरानी सुरक्षा बलों और सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे लोगों के साथ खड़े हों. उन्होंने कहा,

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"राज्य संस्थानों के कर्मचारी और सिक्योरिटी फोर्सेज के सदस्यों के पास विकल्प है. या तो जनता के साथ खड़े होकर राष्ट्र के सहयोगी बनें, या लोगों के कातिलों के साथ सांठगांठ करें."

उन्होंने प्रदर्शनकारियों को एकजुट रहने और शहरों पर कब्जा करने की रणनीति अपनाने का आह्वान किया.

ट्रंप करेंगे मस्क से बात

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वो X के मालिक एलन मस्क से जल्द ही बातचीत करने वाले हैं, ताकि ईरान में इंटरनेट सेवा बहाल करने में मदद मिल सके. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,

“एलन मस्क इस तरह के काम में बहुत अच्छे हैं, उनकी कंपनी भी बहुत शानदार है.”

उन्होंने ये बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या वो मस्क की कंपनी SpaceX से संपर्क करेंगे. SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink का इस्तेमाल पहले भी ईरान में हो चुका है.

ईरान के समर्थन में प्रदर्शन

रविवार, 12 जनवरी को लंदन, पेरिस और इस्तांबुल में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और ईरान में चल रहे बहादुर विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में आवाज उठाई. लंदन में शुरुआत ईरानी दूतावास के सामने हुई, जहां बाद में ब्रिटिश प्रधानमंत्री के निवास के पास भीड़ बढ़ती गई और कई हजार लोग जमा हो गए. पेरिस में 2,000 से ज्यादा लोग 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले वाले ईरान के झंडे लहराते हुए सड़कों पर निकले और नारे लगाए, "नो टू टेररिस्ट इस्लामिक रिपब्लिक".

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सड़कों पर उतरे लोग.

पुलिस ने उन्हें ईरानी दूतावास के करीब नहीं जाने दिया. इस्तांबुल में तेज बारिश के बावजूद लोग ईरानी वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटे, लेकिन पुलिस ने इलाके को घेर रखा था और भीड़ को मिशन से दूर ही रखा.

वहीं, नॉर्वे स्थित गैर-सरकारी संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने दावा किया कि ईरान के अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए लोगों की सामूहिक हत्या की है. IHR ने कहा कि उसने कम से कम 192 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि कर ली है. और ये भी दावा किया है कि ये आंकड़ा इससे भी ज्यादा हो सकता है.

वीडियो: दुनियादारी: ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन के पीछे ट्रंप और नेतन्याहू का हाथ?

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