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खामेनेई की मौत के बाद ईरान का 'बदला', हथियारों से भरे अमेरिकी जहाज को किया तबाह

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि ‘Operation True Promise 4’ के तहत हिंद महासागर में कई हमले किए गए हैं. इसके अलावा इजरायल समेत मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए गए हैं.

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खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने हमले तेज कर दिए हैं. (फोटो: इंडिया टुडे)

इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजराइल ने रेड लाइन क्रॉस कर ली है और अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने के इरादे जाहिर करने के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत हिंद महासागर में कई हमले किए गए हैं. इसके अलावा इजरायल समेत मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी आक्रमण तेज कर दिया गया है.

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IRGC का दावा है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सेना के 27 ठिकानों और तेल अवीव में इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. कतर और UAE से भी लगातार धमाकों की खबरें आ रही हैं. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घलीबाफ ने कहा कि ईरान इतनी ताकतवर कार्रवाई करेगा कि इजरायल और अमेरिका मदद मांगने को मजबूर हो जाएंगे. वहीं, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने देश के दुश्मनों को करारा जवाब देने की ‘कसम’ खाई है. उन्होंने कहा,

अमेरिका को पता होना चाहिए कि उन्होंने देश के दिल में छुरा घोंपा है. उनके दिल में भी छुरा घोंपा जाएगा.

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने बयान जारी कर कहा कि "बदला लेना ईरान का जायज़ हक़ और फ़र्ज़ है और तेहरान इस फ़र्ज़ को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा."

ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की पांचवीं लहर में हिंद महासागर के जेबेल अली में खड़े एक जहाज पर चार ड्रोन से हमला किया गया. यह जहाज अमेरिकी जहाजों के लिए हथियार ले जा रहा था. हमले में जहाज को भारी नुकसान हुआ और वह काम करने लायक नहीं रहा. ईरान में भारतीय दूतावास की एक पोस्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों के लिए फ्यूल ले जा रहे एक जहाज पर ईरानी मिसाइलों ने हमला किया. 

इसके अलावा, कुवैत में अमेरिकी नेवल बेस पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन से हमला हुआ, जिससे सारा इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए.

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. AFP के मुताबिक, पूर्वी रियाद के लोगों ने कई तेज धमाके सुने और आसमान में धुआं उठता भी देखा. कतर ने बताया कि ईरान ने 65 मिसाइल और 12 ड्रोन दागे, जिनमें ज्यादातर को रोक लिया गया, लेकिन इसमें 8 लोग घायल हुए. इसके साथ ही दोहा में भी धमाके और धुएं के गुबार देखे गए.

BBC के मुताबिक, UAE में भी ड्रोन का मलबा गिरा है. अबू धाबी में एयर डिफेंस ने एक ईरानी ड्रोन को रोका, लेकिन उसका मलबा एक टावर पर गिरा, जिससे एक महिला और एक बच्चा घायल हो गया. दुबई में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. इजरायल के तेल अवीव में एक रिहायशी इलाके में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से एक महिला की मौत हो गई. अपार्टमेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मलबा हटाने का काम जारी है.

वीडियो: US-Israel ने ईरान के स्कूलों पर मिसाइलें बरसा दीं

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