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5000 करोड़ रुपये के दवा घोटाले में खुला रिश्वत का खेल, IPS ने मांगे 3 करोड़, इंस्पेक्टर ने लिए 1 करोड़

नकली दवा बनाने से जुड़े 5000 करोड़ के घोटाले में हरियाणा कैडर के सीनियर IPS का भी नाम सामने आया है. आरोप है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने घोटाले के मुख्य आरोपी को CBI जांच में मदद का भरोसा दिया था. इसके बदले में 3 करोड़ रिश्वत की डिमांड की थी.

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आरोप है कि नकली दवाओं का स्कैम लगभग 5 हजार करोड़ का बताया जा रहा है (PHOTO-ITG)

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  • हरियाणा कैडर के 2012 बैच के एक IPS अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के नकली दवा घोटाले के मुख्य आरोपी को CBI जांच में फायदा दिलाने के लिए 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी।
  • पुडुचेरी के नकली दवा रैकेट का पर्दाफाश और जांच के मद्देनजर आरोप है कि अधिकारी ने CBI अफसरों से अपनी जान-पहचान का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी को राहत दिलाने की साजिश रची।
  • CBI ने मामले में आरोपी अधिकारी समेत अन्य लोगों की पहचान कर विभाग को सूचित किया है और 12 जून को आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा कैडर के एक IPS अधिकारी पर 3 करोड़ की रिश्वत का आरोप लगा है. आरोपी अधिकारी 2012 बैच के हैं. आरोप है कि पुडुचेरी के नकली दवा घोटाले के आरोपी को CBI जांच में राहत दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की रिश्वत का सौदा किया गया. दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान आरोपी अफसर ने कहा था कि उसकी सीबीआई के अफसरों से अच्छी जान-पहचान है. वो इस मामले में अपनी पहचान का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी को फायदा दिला सकता है. इसके बदले में करोड़ों की रिश्वत मांगी थी. इस मामले में 12 जून को आईपीएस अधिकारी को पेश होने के लिए कहा गया है.

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5000 करोड़ का रैकेट, नाम हटवाने के बदले मांगे 3 करोड़

IPS अफसर पर आरोप है कि  उन्होंने पुडुचेरी में 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी एन राजा से 3 करोड़ रुपये की मांग की. इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि आरोपी IPS फिलहाल नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA में रीजनल डायरेक्टर के तौर पर पोस्टेड हैं. CBI ने IPS अफसर की पहचान के बाद, उसके डिपार्टमेंट को जानकारी दे दी है ताकि पूछताछ में दिक्कत ना हो.  

1 करोड़ की रिश्वत में पकड़े गए थे पुलिस इंस्पेक्टर

इस मामले में रिश्वत को लेकर यह पहली गिरफ्तारी नहीं है. सीबीआई ने इसी केस में पहले भी दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर समेत दो लोगों को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है. 8 जून को सीबीआई ने मुख्य आरोपी एन. राजा के अलावा दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और राजकुमार नाम के एक शख्स के खिलाफ FIR दर्ज की थी. एफआईआर के अनुसार, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और राजकुमार ने मुख्य आरोपी एन राजा से कथित तौर पर 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी. इसमें से 1.5 करोड़ रुपये एडवांस दिए जाने थे.

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जांच में पता चला है कि राजा ने हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये भेजे और बाकी रकम का इंतजाम करना शुरू कर दिया. आरोप है कि राजा को यह आश्वासन दिया गया था कि सीबीआई अधिकारियों और बड़े ओहदे पर बैठे सरकारी अधिकारियों के रसूख का इस्तेमाल करके  उसे राहत दिलाई जा सकती है. सीबीआई के मुताबिक, 14 मई को दिल्ली में हुई बैठक में ये सब तय हुआ. गिरफ्तार इंस्पेक्टर ने हवाला ऑपरेटर के जरिए 1 करोड़ लिए और फिर उसे प्रभात नाम के शख्स को दिए थे. ये प्रभात आरोपी IPS अफसर का परिचित था. इसके बाद इंस्पेक्टर ने बचे 25 लाख रुपये अपने घर में रख लिए. जो बाद में सीबीआई की जांच में इंस्पेक्टर और राजकुमार के पास से मिले. सीबीआई अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के लिए रिश्वतखोरी में कौन-कौन शामिल था.

पुडुचेरी का नकली दवा घोटाला क्या है?

बीते साल पुडुचेरी में पुलिस और CBI-CID ने छापेमारी के बाद नकली और मिलावटी दवाइयां बनाने के धंधे का पर्दाफाश किया था. इस दौरान भारी मात्रा में नकली दवाएं और कच्चा माल जब्त किया गया था.  इनकी दवाओं की रकम करीब-करीब 5000 करोड़ थी. इसके बाद  मुख्य आरोपी एन राजा को गिरफ्तार किया गया. जांच आगे बढ़ी तो मामले में नेता से लेकर अफसर, सबकी भागीदारी के संकेत मिले. इसके बाद मामला सीबीआई को जांच के लिए सौंपा गया. फिर सीबीआई ने मार्च में एन राजा के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किय. अब जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे रिश्वत का खुलासा हो रहा है. साथ ही अफसरों की संलिप्तता भी सामने आ रही है.

वीडियो: कैंसर की नकली दवा बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, किन बड़े-बड़े अस्पतालों के कर्मचारी शामिल?

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