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भारत ने पाकिस्तान का पानी रोका, चिनाब नदी पर बना बांध बंद

जम्मू के रामबन में बगलिहार बांध और उत्तरी कश्मीर में किशनगंगा बांध पड़ता है. ये दोनों जलविद्युत (hydroelectric) बांध हैं. दोनों ही बांधों को लेकर अपडेट आई है.

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बगलिहार बांध चेनाब नदी पर बनाया गया है. (फ़ाइल फ़ोटो - इंडिया टुडे)

भारत ने बगलिहार बांध (Baglihar Dam) के ज़रिए पाकिस्तान जा रहे पानी के प्रवाह को रोक दिया है. ये बांध चिनाब नदी (Chenab River) पर बना हुआ है. इसके अलावा, झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध (Kishanganga Dam on Jhelum River) पर भी इसी तरह के उपाय करने की प्लानिंग चल रही है.

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एक सीनियर अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बगलिहार बांध पर स्लुइस स्पिलवेज के गेट्स को नीचे कर दिया गया है. ताकि पाकिस्तान के पंजाब में पानी के प्रवाह को रोका जा सके. अधिकारी ने इसे अल्पकालिक दंडात्मक कार्रवाई (short-term punitive action) बताया है.

चेनाब नदी पर बना बगलिहार बांध हाइड्रो पावर उत्पादन के लिए रन-ऑफ-द-रिवर प्लांट के रूप में बनाया गया है. चेनाब सिंधु जल सिस्टम की पश्चिमी नदियों में से एक है. सिंधु जल संधि बिजली उत्पादन के लिए इसके पानी का दोहन करने की अनुमति देती है. अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

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भले ही ये रोक कुछ समय के लिए हो. लेकिन ऐसा करके हम बताना चाहते हैं कि कि हम अपनी तरह कदम उठाएंगे. चेनाब नदी का पानी पंजाब के खेतों की सिंचाई करता है. पाकिस्तान को ये समझने की ज़रूरत है कि हमारा इरादा उन्हें सभी मोर्चों पर सज़ा देना है.

जम्मू के रामबन में बगलिहार बांध और उत्तरी कश्मीर में किशनगंगा बांध पड़ता है. ये दोनों जलविद्युत (hydroelectric) बांध हैं. सूत्रों ने न्यूज़ एजेंसी PTI को बताया कि भारत के पास पानी छोड़ने के समय को रेगुलेट करने की क्षमता है.

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के लिए भारत कब पूरी तरह से रोक पाएगा सिंधु नदी का पानी?

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इससे पहले भी बगलिहार बांध दोनों पड़ोसियों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. पाकिस्तान ने इसे लेकर विश्व बैंक से मध्यस्थता की मांग की थी. बताते चलें, भारत ने सिंधु जल समझौते पर रोक लगाने का फ़ैसला लिया है. ये फ़ैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या के बाद लिया है.

विश्व बैंक द्वारा की गई सिंधु जल संधि, 1960. इससे भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के इस्तेमाल को कंट्रोल किया जाता है.

बता दें, ये संधि सिंधु बेसिन की छह नदियों को दो ग्रुप्स में बांटती करती है. भारत के हिस्से पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) का पानी आता है. जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों (सिंधु, चिनाब और झेलम) का पानी मिलता है.

वीडियो: सिंधु जल समझौता सस्पेंड, पाकिस्तान का पानी रोकने में इंडिया को कितना समय लगेगा?

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