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'हर साल 36-40 फाइटर जेट चाहिए,' पाकिस्तान के चीन से J-35 खरीदने पर IAF चीफ एपी सिंह की चेतावनी

Air Chief Marshal AP Singh ने कहा कि IAF को अपनी Fighter Squadron Strength को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए हर साल 36-40 Aircrafts की जरूरत है. उन्होंने Tejas Mk1A, MRFA-Rafale, Su-30, AMCA, ASTRA और Pakistan के संभावित J-35 पर भी बात की.

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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एयरफोर्स को लेकर कई सवालों के जवाब दिए हैं (COURTSEY- IAF)

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  • एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि इंडियन एयरफोर्स को हर साल 36 से 40 नए विमान शामिल करने की आवश्यकता है ताकि फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या वर्तमान से बढ़ाकर 42 तक पहुंच सके।
  • भारतीय वायुसेना की जरूरत इसलिए बढ़ी क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर में BVR क्षमताओं के प्रदर्शन के बाद दूरस्थ हमलों पर फोकस बढ़ा और कई नए हथियार सिस्टम विकसित हो रहे हैं।
  • HAL द्वारा LCA Mk1A समेत अन्य विमानों की उत्पादन दर बढ़ाने और MRFA प्रोग्राम के सफल निष्पादन से हर साल 30 से 40 नए विमान शामिल करने की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

इंडियन एयरफोर्स को हर साल 36 से 40 नए विमान चाहिए. ये कहना है इंडियन एयरफोर्स के चीफ, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का. 3 अक्टूबर को एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि इंडियन एयरफोर्स (IAF) को हर साल 36 से 40 विमान शामिल करने की जरूरत है, ताकि उसके फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या 30 से कम न हो और वो 42 के नंबर तक पहुंच सके.

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BVR हथियारों की रेंज बढ़ाने पर फोकस

ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार भारत ने अपनी BVR (बियॉन्ड-विजुअल-रेंज) क्षमता का प्रदर्शन किया. इससे एक साल बाद भारत लगातार ऐसे हथियारों पर काम कर रहा है. एयर चीफ ने भी इस बारे में बात की. BVR वो हथियार होते हैं, जिनसे काफी दूर तक हमला किया जा सकता है. जहां तक इंसान की आंखें नहीं देख पाती, वहां तक हमला करने के लिए ऐसे हथियार इस्तेमाल किए जाते हैं. यही वजह थी कि भारत के जेट्स को ऑपरेशन सिंदूर में सीमा पार नहीं करनी पड़ी. 

एयर चीफ ने स्वदेशी मिसाइल 'अस्त्र' (ASTRA) मिसाइल, उसके अलग-अलग वर्जन वाली BVR मिसाइल और ज्यादा रेंज वाली विदेशी मिसाइलों के अतिरिक्त बैच को शामिल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि BVR कॉम्बैट क्षमता को और भी ज्यादा डेवलप करने की IAF की कोशिशें लगातार जारी हैं. IAF चीफ ने 8 अक्टूबर को मनाए जाने वाले 94वें एयरफोर्स डे से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.

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हर साल कितने विमान चाहिए?

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से IAF की फाइटर स्क्वाड्रन क्षमता के बारे में सवाल पूछा गया. इसके जवाब में चीफ ने कहा कि अगर सब कुछ प्लान के अनुसार हुआ तो एयफोर्स हर साल 30 से 35 फाइटर जेट शामिल करना शुरू कर सकती है. एयर चीफ ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर भी बात की. उन्होंने कहा कि HAL का लक्ष्य IAF को हर साल 24 LCA Mk1A विमान सौंपना है.

एयरफोर्स प्रमुख ने कहा कि अगर HAL साल में 20 विमान भी बनाता है और इस साल के आखिर तक मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) का कॉन्ट्रैक्ट फाइनल हो जाता है, तो कुल सालाना संख्या लगभग 32 विमान हो जाएगी. MRFA प्रोग्राम के तहत IAF को हर साल लगभग 12 विमान मिलेंगे. इसमें 114 रफाल जेट्स की प्रस्तावित खरीद शामिल है.

उन्होंने कहा कि अगर 12 और सुखोई- Su-30 एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्तावित कॉन्ट्रैक्ट शामिल किया जाता है, और हर साल 6 जेट मिलते हैं, तो सालाना शामिल होने वाले एयरक्राफ्ट की संख्या 30 से 35-40 के बीच हो सकती है. बशर्ते सभी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ें.

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उन्होंने कहा कि जल्द ही IAF के पास LCA तेजस Mk 1A, LCA Mk 2, फ्रांस के रफाल और देश में बने पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट- एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का एक अच्छा मिश्रण होगा.

(यह भी पढ़ें: 'PAK के 8-10 जेट गिराए... उन्हें सुनाने दो मनोहर कहानियां', एयरफोर्स चीफ ने जेट के नाम भी बताए)

पाकिस्तान के 5th जेनरेशन जेट पर क्या बोले?

 एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पाकिस्तान के चीन से पांचवीं पीढ़ी का J-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने की खबरों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, 

क्या ये ऐसी स्थिति है जिससे निपटा नहीं जा सकता? मैं इससे सहमत नहीं हूं. हमारे पास जरूरी क्षमताएं हैं. ये सिर्फ एक प्लेटफॉर्म की बात नहीं है, बल्कि ये है कि इसे पूरे सिस्टम में कैसे इंटीग्रेट किया जाता है. पाकिस्तान के पास पहले भी दूसरे प्लेटफॉर्म रहे हैं, फिर भी वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनसे कुछ खास हासिल नहीं कर पाए. इसी तरह, अगर हम जो प्लेटफॉर्म खरीद रहे हैं और शामिल कर रहे हैं, उन्हें ठीक से इंटीग्रेट करें, तो हम इस खतरे का सामना कर सकेंगे. कम से कम अभी के लिए, जब तक वे इन नए एयरक्राफ्ट को अपने सिस्टम में पूरी तरह से इंटीग्रेट नहीं कर लेते.

उन्होंने यह भी कहा कि AMCA प्रोग्राम को आगे बढ़ाने और अगर उसमें देरी होती है तो वैकल्पिक फैसले लेने की जरूरत है. उन्होंने यह भी साफ किया कि रूस ने Su-57 का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर हमारे दुश्मन पांचवीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट हासिल कर रहे हैं तो हमें भी पांचवीं पीढ़ी के एयरक्राफ्ट लाने के बारे में सोचना चाहिए.

वीडियो: रखवाले: MiG-21 को क्यों कहा जाता था IAF की ‘आत्मा’? रिटायर्ड फाइटर पायलट ग्रुप कैप्टन अजय अहलावत से खास बातचीत

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