सर्दियों के मौसम में सिर्फ़ ज़ुकाम, अस्थमा और फ्लू के मामले ही नहीं बढ़ते. हार्ट अटैक के केसेज़ भी बढ़ जाते हैं. वैसे तो हार्ट अटैक सालभर में कभी भी पड़ सकता है. लेकिन, ऐसा देखा गया है कि ठंड के मौसम में इसकी दर बढ़ जाती है. कई स्टडीज़ और रिसर्च ऐसा दावा करती हैं.
सर्दियों में हार्ट अटैक का रिस्क ज़्यादा क्यों?
ठंड की वजह से हम खुद में सिमटने लगते हैं. यही हाल नसों का भी होता है. जो नसें पहले से 10-20% ब्लॉक हैं, वो नसें ठंड से एकदम सिकुड़ जाती हैं. इससे ब्लॉकेज बढ़ जाता है और हार्ट अटैक पड़ सकता है.


PubMed Central में छपी स्टडी के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों में इज़ाफा देखा गया है. आज डॉक्टर से जानेंगे, सर्दियों में हार्ट अटैक पड़ने का रिस्क ज़्यादा क्यों है. और, इस मौसम में अपने दिल का ख्याल कैसे रखें.
सर्दियों में हार्ट अटैक पड़ने का रिस्क ज़्यादा क्यों?
ये हमें बताया डॉक्टर संजय कुमार शर्मा ने.

जब ज़्यादा ठंड होती है तो मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं. ठंड की वजह से हम खुद में सिमटने लगते हैं. यही हाल नसों का भी होता है. जो नसें पहले से 10-20% ब्लॉक हैं, उनमें थक्के जमे हैं. वो नसें ठंड से एकदम सिकुड़ जाती हैं. इसको वासोकोस्ट्रिक्शन कहते हैं.
नसों के सिकुड़ने से ब्लॉकेज बढ़ जाता है. 10-20% ब्लॉकेज से 80-90% हो जाता है. कई केसेज़ में 100% भी ब्लॉकेज हो सकता है. अगर धमनी पहले से छोटी है, लेकिन ज़रूरी काम करती है. जैसे LAD धमनी, जो 70% दिल को सपोर्ट करती है. अगर उसमें अचानक ब्लॉकेज हो जाए तो हार्ट अटैक आ सकता है.
इसके अलावा, ठंड के दिनों में सांस लेने में दिक्कत होती है. इसके चलते शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है. ऑक्सीजन की कमी से दिल पर असर पड़ता है. खून की सप्लाई में कमी आने लगती है. ठंड के कारण खून गाढ़ा हो जाता है. गाढ़े खून की वजह से थक्के जम जाते हैं. जिस धमनी में थक्का जमा है, वहां खून की सप्लाई बंद हो जाती है.
नतीजा? हार्ट अटैक. तीसरी वजह डाइट है. हम ठंड में घी-मक्खन, तली हुई चीज़ों का सेवन ज़्यादा करते हैं. इससे भी थक्के जमते हैं.
चौथा कारण है ठंड के मौसम में एक्सरसाइज़ और फ़िज़िकल एक्टिविटी की कमी.

सर्दियों में दिल का ख्याल कैसे रखें?
-खुद को ठंड से बचाएं.
-गर्म कपड़े पहनकर रखें.
-ठंड में कम जाएं.
-ठंड में एक्सरसाइज़ कम करें.
-घर के अंदर योगा और एक्सरसाइज़ करें.
-पानी ज़्यादा पिएं.
-फल, सब्ज़ियों का सेवन ज़्यादा करें.
-गुड फैट्स खाएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: सर्दियों में अस्थमा बढ़े तो ये करें!

















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