रांची में छात्रों के आंदोलन के 24वें दिन यानी 17 अगस्त को झारखंड की हेमंत सरकार झुक गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने ऐलान किया कि TDPL के तहत कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द होंगी. साथ में JSCC-CGL परीक्षा भी रद्द करने की घोषणा की. लेकिन इस घोषणा के बाद अब एक और आंदोलन शुरू हो गया है. CGL परीक्षा के तहत नौकरी पाए लोग अब परीक्षा रद्द करने के आदेश के खिलाफ सड़कों पर आ गए हैं.
झारखंड में शुरू हुआ एक और आंदोलन, अब JSCC-CGL से नौकरी पाए लोग सड़कों पर उतरे
हेमंत सोरेन ने JSCC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है. इसके बाद अब राज्य में एक और आंदोलन शुरू हो गया है. अब JSCC-CGL परीक्षा के तहत नौकरी पाए अभ्यर्थियों ने प्रोटेस्ट शुरू कर दिया है. उन्होंने 18 अगस्त को प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया.

प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर प्रोटेस्ट
हेमंत सोरन सरकार ने CGL परीक्षा में गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत के आधार पर एग्जाम और रिजल्ट को रद्द करने की घोषणा कर दी. इससे सरकारी नौकरी कर रहे लगभग दो हजार लोगों की नौकरी पर बन आई है. इन लोगों ने अब सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट करना शुरू कर दिया हैं. 18 अगस्त को इन्होंने प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया और शाम को इसी इलाके में फ्लैश लाइट मार्च निकाला.
हेमंत सोरेन से फैसला वापस लेने की डिमांड
प्रदर्शन कर रहे छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से परीक्षा रद्द किए जाने वाले फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की पहले निष्पक्ष जांच कराई जाए, फिर दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द कर देना सही नहीं है. कई अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने इस नौकरी के लिए पहले की नौकरियां छोड़ दी थीं. उन्होंने सरकार से बिना नोटिस नौकरी से हटाने के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की है.
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प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर धरना
हेमंत सोरन ने 17 अगस्त की देर रात CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की. इसके तुरंत बाद ही नौकरी कर रहे अभ्यर्थी मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगे. हर दिन की तरह जब ये सचिवालय कर्मी 18 अगस्त को भारी बारिश के बीच अपनी ड्यूटी के लिए प्रोजेक्ट भवन पहुंचे, उनको मेन गेट पर ही रोक दिया गया और एंट्री के लिए आईडी कार्ड मांगा गया. बगैर आईडी के किसी को एंट्री नहीं मिली. इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भवन के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते मेन गेट बंद करना पड़ा. पुराने कर्मचारियों को आईडी कार्ड की जांच के बाद ही अंदर एंट्री मिली. तनाव को देखते हुए कैंपस में भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई.
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