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सिर्फ MBBS कर बन गया 'कार्डियोलॉजिस्ट', 50 मरीजों की हार्ट सर्जरी भी कर डाली, फिर ऐसे हुआ भंडाफोड़!

MBBS की डिग्री होने के बावजूद डॉक्टर ने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) बताया. उसने Faridabad के बादशाह खान सिविल अस्पताल में पिछले 8 महीनों में 50 से ज्यादा हॉर्ट ऑपरेशन किए. क्या है पूरा मामला?

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आरोपी डॉक्टर, किसी दूसरे डॉक्टर की पहचान चुराकर काम कर रहा था (सांकेतिक फोटो: आजतक)

हरियाणा के फरीदाबाद में एक MBBS डॉक्टर ने खुद को कार्डियोलॉजिस्ट बताकर 50 से ज्यादा हॉर्ट ऑपरेशन कर डाले (Haryana Fake Cardiologist). मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस को इसके बारे में जानकारी मिली. जांच में पता चला कि आरोपी डॉक्टर किसी दूसरे डॉक्टर के नाम पर काम कर रहा था. इतना ही उसने जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी डिग्रियां भी हासिल कर रखी थीं.

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TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, MBBS की डिग्री होने के बावजूद पंकज मोहन शर्मा नाम के डॉक्टर ने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) बताया. उसने फरीदाबाद के बादशाह खान (बीके) सिविल अस्पताल में पिछले 8 महीनों में 50 से ज्यादा हॉर्ट ऑपरेशन किए. शुरूआती जांच में पता चला कि आरोपी शहर के ही एक वैध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज मोहन के राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के रजिस्ट्रेशन नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा था. डॉ. शर्मा ने इस बात का फायदा उठाया कि असली और वैध कार्डियोलॉजिस्ट का नाम भी डॉ. पकंज मोहन है.

पुलिस ने बताया कि डॉ. शर्मा को पिछले साल जुलाई में मेडिटेरीना अस्पताल ने काम पर रखा था, जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर बीके सिविल हॉस्पिटल में हार्ट केयर सेंटर चलाता है. जांच में पता चला कि डॉ. शर्मा ने अवैध तरीके से डॉ. मोहन के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया, जबकि उनका खुद का MBBS रजिस्ट्रेशन नंबर कुछ और था. इतना ही नहीं, उनके पास DNB (कार्डियोलॉजी) की डिग्री भी थी, जो MD (Doctor of Medicine) के बराबर की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री होती है.

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ऐसे हुआ खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. पंकज मोहन शर्मा पुलिस की नजर में तब आए, जब वकील और सामाजिक कार्यकर्ता संजय गुप्ता ने 11 अप्रैल को NIT फरीदाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. जिसमें सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया गया कि उन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी डिग्रियां हासिल की हैं. संजय गुप्ता ने कहा, 

अस्पताल प्रबंधन ने एक धोखेबाज डॉक्टर को नियुक्त किया. जिसके पास कार्डियोलॉजी में कोई डिग्री या मान्यता नहीं है. डॉ. शर्मा ने MD और DNB (कार्डियोलॉजी) की योग्यता का झूठा दावा किया, जो पूरी तरह से फर्जी है.

इस बारे में जब असली और वैध डॉ. पंकज मोहन को पता चला तो उन्होंने जनवरी, 2025 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई. जिसमें दूसरे डॉक्टर द्वारा उनके पहचान और परिचय का अवैध उपयोग करने का आरोप लगाया गया. उन्होंने डॉ. शर्मा को कानूनी नोटिस भी भेजा. चौंकाने वाली बात ये कि डॉ. शर्मा ने फरवरी में अचानक ही हार्ट सेंटर आना बंद कर दिया. क्योंकि उनसे उनकी मेडिकल डिग्री दिखाने के लिए कहा गया था. बादशाह खान के एक डॉक्टर ने कहा,  

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कई मरीज उनके बारे में पूछताछ करने लगे. जब वे अस्पताल नहीं आए तो मरीज असली डॉ. पंकज मोहन के पास पहुंच गए. ​​डॉ. मोहन ने उन्हें बताया कि उन्होंने कभी हार्ट सेंटर में काम नहीं किया है. जिसके बाद शक की सुई डॉ पंकज मोहन शर्मा पर घूम गई.

मेडिटेरीना अस्पताल के CMD और बीके में हार्ट सेंटर के भी डॉ. एम. प्रताप कुमार ने बताया कि डॉ. शर्मा को हटा दिया गया है. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से डॉ. शर्मा की DNB (कार्डियोलोजी) की डिग्री पर संदेह था, उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें: फर्जी डॉक्टर ने ब्रिटिश कार्डियोलॉजिस्ट बनकर किया मरीजों का ऑपरेशन, 7 की मौत

ऐसा ही एक मामला बीते दिनों पहले मध्यप्रदेश से सामने आया था. जहां एक फर्जी डॉक्टर ने एक मिशनरी अस्पताल में मरीजों के दिल की सर्जरी की थी. जिससे 7 लोगों की मौत हो गई थी. जांच में पता चला कि आरोपी ने ब्रिटिश डॉक्टर 'एन जॉन केम' का नाम लेकर खुद को मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट बताया था. बाद में पता चला कि उसका असली नाम नरेंद्र विक्रमादित्य यादव है.

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