पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश (Gauri Lankesh) की 5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले के 18 आरोपियों में से एक श्रीकांत पांगारकर महाराष्ट्र नगर निकाय की अपनी सीट जीत गए हैं. पांगारकर जालना महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 13 से निर्दलीय उम्मीदवार थे. उनके खिलाफ भाजपा समेत कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशी खड़े थे और सब हार गए. हालांकि, शिवसेना ने यहां अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था.
महाराष्ट्र निकाय चुनाव: गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पांगारकर जीत गए
गौरी लंकेश हत्या केस के आरोपी श्रीकांत पांगारकर जालना महानगरपालिका चुनाव में जीत गए हैं. श्रीकांत पांगारकर ने प्रभाग क्रमांक 13 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था.


इंडिया टुडे से जुड़े गौरव विजय साली की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीकांत पांगारकर ने नवंबर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना में एंट्री ली थी. लेकिन उनके पार्टी में आने की तीखी प्रतिक्रिया हुई. इसके बाद एक दिन के अंदर ही एकनाथ शिंदे ने उन्हें पार्टी में शामिल होने से रोक दिया. हालांकि, जब शिवसेना एकजुट थी तब 2001 से लेकर 2006 तक पांगारकर जालना नगर परिषद के नगरसेवक रहे थे. बाद में पार्टी से टिकट पर 'ना' हुआ तो 2011 में उन्होंने पाला बदल लिया और दक्षिणपंथी विचारधारा की हिंदू जनजागृति समिति में शामिल हो गए.
साल 2018 में ATS की जांच में महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर विस्फोटकों और हथियारों का जखीरा मिला था. इस मामले में ATS ने श्रीकांत पांगारकर को गिरफ्तार किया था. उन पर विस्फोटक अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामले दर्ज किए गए थे.
इससे एक साल पहले 5 सितंबर 2017 को पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या कर दी गई. इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था और कथित असहिष्णुता के मुद्दे की बहस को हवा दे दी. मामले में कर्नाटक पुलिस ने 18 आरोपियों की पहचान की थी. इनमें से 17 को गिरफ्तार किया गया था. साल 2022 से इस केस की सुनवाई कोर्ट में चल रही है. पांगारकर भी इस मामले में आरोपी हैं. सितंबर 2024 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी.
जालना से चुनाव जीतने के बाद श्रीकांत ने कहा,
मुझे जनता की अदालत में न्याय मिला है. गौरी लंकेश हत्या केस कोर्ट में विचाराधीन है और मैं निर्दोष हूं. मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप अब तक सिद्ध नहीं हुए हैं.
बता दें कि श्रीकांत जालना महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग क्रमांक 13 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े और 2621 वोटों के अंतर से जीते हैं.
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