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बॉर्डर से सटे एयरपोर्ट्स के लिए नए नियम, 10,000 फीट की ऊंचाई से फोटो पर मनाही, खिड़कियों के पर्दे बंद रहेंगे

कमर्शियल एयरलाइंस को ये आदेश भी दिया गया है कि वो पैसेंजर्स को बार-बार सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के बारे में बताएं. ये भी बताएं कि इन नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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डिफेंस एयरपोर्ट्स पर 10,000 फीट के रेंज में विमान के पर्दे गिरे रहेंगे. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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शिवानी शर्मा

‘डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन’ (DGCA) ने डिफेंस एयरपोर्ट्स के लिए एक अहम निर्देश जारी किया है. हवाई अड्डों पर उड़ान भरते समय और लैंडिंग करते समय विमानों की खिड़कियों के पर्दे गिराकर रखे जाएंगे. इस मामले में पश्चिमी सीमा के पास वाले एयरपोर्ट्स को विशेष सतर्कता बरतने का निर्दश दिया गया है.

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ये नियम उन एयरपोर्ट्स के लिए हैं जो सैन्य इस्तेमाल में भी आते हैं और नागरिक इस्तेमाल में भी. DGCA ने कहा है कि विमानों की खिड़कियों के पर्दे तब तक नहीं गिराए जाएंगे जब तक एयरक्राफ्ट 10,000 फीट तक की ऊंचाई पर नहीं पहुंचा जाता. लैंड करते समय जमीन से 10,000 फीट के रेंज में पहुंचने पर पर्दे फिर से गिरा दिए जाएंगे. पार्किंग मेें पहुंचने तक पर्दे गिरे ही रहेंगे. ये नियम इमरजेंसी एक्जिट वाली सीटों के लागू नहीं होगा.

10,000 फीट के रेंज में यात्रियों को फोन और कैमरे बंद रखने के निर्दश भी दिए गए हैं.

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फोटो और वीडियो प्रतिबंधित

कमर्शियल एयरलाइंस को ये आदेश भी दिया गया है कि वो पैसेंजर्स को ये याद दिलाएं कि इन हवाई अड्डों पर फोटो खींचना या वीडियो बनाना प्रतिबंधित है. हवा में, जमीन पर और पूरी यात्रा के दौरान एयरलाइंस को इस तरह के अनाउंसमेंट करने होंगे. टर्मिनल के भीतर और विमान से उतरते या चढ़ते समय भी कंपनियों को ये याद दिलाना है. इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. 

एयरलाइंस को ये स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वो बार-बार पैसेंजर्स को इन बातों को याद दिलाएं. और सभी जरूरी कदम उठाएं. यात्रियों को सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के साथ-साथ ये भी बताना है कि नियम तोड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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क्रू के लिए SOPs बनेंगे

DGCA ने कहा है कि फ्लाइट ऑपरेटर्स को अपने क्रू के लिए SOPs बनाने हैं. इसमें सभी तरह की सुरक्षा जोखिमों से निपटने के बारे में बताया जाएगा. 

जिन हवाई अड्डों पर इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है, उनमें लेह, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, आदमपुर, चंडीगढ़, बठिंडा, जैसलमेर, नल, जोधपुर, हिंडन, आगरा, कानपुर, बरेली, महाराजपुर, गोरखपुर, भुज, लोहेगांव, गोवा (डाबोलिम) और विजाग शामिल हैं.

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