सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में रेप के मामलों में स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा, ‘ऐसा एक्शन लो कि आरोपियों के मन में ख़ौफ़ पैदा हो.’ अदालत ने पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर कई अहम टिप्पणियां कीं. अदालत ने पुलिस को गश्त बढ़ाने को कहा है. साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया है कि अपराध के बाद आरोपी को पकड़ने के बजाय अपराध को रोकने पर ध्यान देना चाहिए.
'अपराधियों में डर हो कि रेप किया तो मारे जाएंगे', SC ने बताया दिल्ली पुलिस को क्या करना है
हाल ही में दिल्ली और NCR इलाके में रेप के कई मामले सामने आए हैं. सबसे ताज़ा मामला कालकाजी के पास आस्था कुंज पार्क का है. पिछले हफ्ते इन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था. अब कोर्ट ने पुलिस व्यवस्था पर अहम टिप्पणियां की हैं.

हाल ही में दिल्ली और NCR इलाके में रेप के कई मामले सामने आए है. सबसे ताज़ा मामला कालकाजी के पास आस्था कुंज पार्क का है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप हुआ. रेप की इन घटनाओं को लेकर दिल्ली सहित देश के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. पिछले हफ्ते इन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया.
इंडिया टुडे से जुड़ीं अनीशा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के दौरान SC ने कहा,
‘ये जो एंटी सोशल एलिमेंट (असामाजिक तत्त्व) हैं, इनके मन और दिमाग में डर पैदा करना होगा. वो ये सोचें कि अब कुछ किया तो मार दिए जाएंगे.’
अदालत ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने पूछा कि पुलिस की गाड़ियां गश्त लगाने की बजाय खड़ी क्यों रहती हैं? अंधेरे रास्ते पर लाइट की क्या व्यवस्था की गई? कोर्ट ने पुलिस को लोगों की शिकायतें सुनने की हिदायत दी है. बेंच ने ये भी कहा है कि पुलिस को स्ट्रिक्ट एक्शन लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए. आगे कहा कि गिरफ़्तारी के वक़्त अगर कोई आर्टिकल 21 का रोना रोता है, तो भी उसपर स्ट्रिक्ट एक्शन लिया जाए. आर्टिकल 21 संविधान के तहत ‘राइट टू लाइफ’ की गारंटी देता है.
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सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि उन अवैध ढाबों और शराब की दुकानों पर भी एक्शन होना चाहिए, जहां ये ‘असामाजिक तत्त्व’ जमा होते हैं. कोर्ट ने बीट पोलिसिंग पर ज़ोर दिया है और कहा कि हर इलाके में पैट्रोलिंग बढ़ा देनी चाहिए.
कोर्ट ने कहा कि हर पार्क में हर जगह कैमरे लगाना संभव नहीं है, लेकिन कम से कम प्रवेश और निकास के रास्तों पर निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा इन फुटेज पर नज़र रखना भी ज़रूरी है. अदालत ने दुर्गा पूजा और दिवाली का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, इसलिए पुलिस को और सतर्क रहना होगा.
वीडियो: कालकाजी गैंगरेप केस के बाद दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल










