साउथ दिल्ली के एक बड़े होटल में ठहरीं बेंगलुरु की 39 साल की एक महिला ने बताया कि शाम के करीब 4 बजे दो पुलिस वाले उनके होटल की लॉबी में आए. वहां के कर्मचारियों से पूछा कि क्या होटल में कोई ऐसा व्यक्ति रुका है, जिसे प्रोटेस्ट में जाना है. जंतर-मंतर से 4 किमी दूर पहाड़गंज के एक होटल के कर्मचारी के साथ भी यही हुआ. बुधवार, 7 अक्टूबर को पुलिस डिपार्टमेंट से दो लोग आए. उनकी लॉग बुक जांची. जब उनसे पूछा गया कि ये सब क्यों कर रहे हैं. तो जवाब मिला कि सब ‘न्यूज’ में है. उन्हें पता होना चाहिए. हालांकि, उन्होंने होटल में रुके किसी गेस्ट से पूछताछ नहीं की.
CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली के होटलों में घूम रही पुलिस, किसे ढूंढा जा रहा?
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस होटल, हॉस्टल, बस, ट्रेन और एयरपोर्ट पर निगरानी कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ठहरने वाले लोगों की आईडी और बुकिंग की जांच कर रही है.

पहाड़गंज के ही एक दूसरे होटल में मैनेजर से गुरुवार, 8 अक्टूबर को एक पुलिसकर्मी ने वहां रुके लोगों की लिस्ट मांगी. होटल के कर्मचारी ने लैपटॉप पर दर्ज लिस्ट उनके आगे कर दिया. पुलिसवाले ने उनसे कहा कि अगर कोई ग्रुप होटल में बुकिंग करता है और शनिवार, 10 अक्टूबर को चेकआउट करने की बात कहता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें.
पूरी दिल्ली में चल रही तलाशीये तीन लोगों की कहानी हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में छपी है. लेकिन, ये सिर्फ इन्हीं तीन की कहानी नहीं है. 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से पहले पूरी दिल्ली में ऐसी ही छानबीन हो रही है. पुलिस वाले होटल-हॉस्टल, लॉज, पीजी या ऐसी हर जगह की तलाशी ले रहे हैं, जहां अस्थायी तौर पर रुकने-ठहरने की व्यवस्था होती है. ये आदेश ऊपर से आया है.
दिल्ली पुलिस के चार अधिकारियों ने इसकी पुष्टि हिंदुस्तान टाइम्स से की. हालांकि, अधिकारियों का नाम उजागर नहीं किया गया है. लेकिन उनकी दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस अफसरों से कहा गया है कि वो दिल्ली-एनसीआर इलाके के होटलों, हॉस्टलों, गेस्ट हाउस जैसी जगहों का दौरा करें और ये देखें कि वहां कौन रह रहा है.
इसके बाद अफसर होटलों में जाते हैं. उनके मालिक या मैनेजर से रजिस्टर मांगते हैं. एंट्री की जांच करते हैं और फिर चले जाते हैं. अधिकारियों के मुताबिक, होटलों में रुके लोग अगर ये बताते हैं कि वो सीजेपी के प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने आए हैं तो उन्हें ‘संदिग्ध’ माना जा सकता है.
अपनी जांच में पुलिस अफसर क्या-क्या देख रहे हैं.
इस कवायद से लगता है कि पुलिस का पूरा ध्यान 10 अक्टूबर के प्रोटेस्ट के लिए होने वाले जुटान को रोकना है. होटलों में जांच के दौरान पुलिस कुछ खास बिंदुओं पर फोकस कर रही है. जैसे, ‘कोई कब से कब तक' रुका है. क्या उनके रुकने और जाने की अवधि 8 से 11 अक्टूबर के बीच है. क्या बड़े ग्रुप के साथ आए हैं. क्या उनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है. होटलों में ठहरे लोगों से पुलिस उनके दिल्ली आने का मकसद भी पूछ रही है.
पुलिस को ऐसे लोगों पर खासतौर से फोकस करने को कहा गया है जो किसी और के नाम पर कमरे बुक करके ठहरे हैं. एक अधिकारी ने बताया कि यही वजह है कि वो रजिस्टर की जांच तो कर रहे हैं, साथ ही वहां रुके गेस्ट्स से आईडी भी दिखाने को कह रहे हैं. अगर आईडी अलग पाई जाती है तो पुलिस होटल के स्टाफ से लेकर कमरा बुक करने वाले व्यक्ति तक से पूछताछ कर सकती है.
ध्रुव राठी-दिपके की भी तलाशHT ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच जैसी खास यूनिट्स को यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके के बारे में पता लगाने का जिम्मा दिया गया है कि वो कहां ठहरे हैं? इसके अलावा उन्हें सीजेपी और लेफ्ट से जुड़े संगठनों के लोगों का पता लगाने का भी निर्देश मिला है.
सिर्फ होटल नहीं, रेल-बस भी रडार परसिर्फ होटलों में ही ये ‘प्रोटेस्टर्स हंट’ जारी नहीं है. प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की दिशा में भी पुलिस काफी फुर्ती से काम कर रही है. दिल्ली से आने-जाने वाली ट्रेनों, बसों और अन्य यातायात के साधन भी सर्विलांस पर हैं.
मुंबई का एक संगठन है, अखिल भारतीय युवा संघ. इसके एक मेंबर ने बताया कि वो दिल्ली जा रहे थे. तभी उन्हें दिल्ली पुलिस का फोन आया. पुलिस ने उन पर आरोप लगाया कि वो विरोध प्रदर्शन में जा रहे हैं. संगठन के लोगों का आरोप है कि जब इस पूछताछ पर उन्होंने आपत्ति जताई तो उन्हें ‘आतंकवादी’ कहा गया. इसके बाद वो फरीदाबाद में ट्रेन से उतर गए और घर लौट आए.
भोपाल में तो रेलवे पुलिस ने गोवा एक्सप्रेस से 21 लोगों को हिरासत में ले लिया. ये लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे. जीआरपी इटारसी टाउन इंस्पेक्टर संजय चौकसे ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पुणे से बड़ी संख्या में ऐसे युवक दिल्ली जा रहे हैं, जो शांति भंग कर सकते हैं.
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बस भी रडार परपुलिस को बस ऑपरेटरों पर भी नजर रखने को कहा गया है. बसों के लिए होने वाली बुकिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है. बस कौन किराए पर ले रहा है और वो कहां जा रही हैं, ये सब चीजें पुलिस के रडार पर हैं. रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन के बाद एयरपोर्ट्स पर भी पुलिस ने जाल बिछा रखा है. दिल्ली तक कोई ‘जलयान’ नहीं आता. नहीं तो पुलिस की जल-थल-बादल तक निगरानी की साध पूरी हो जाती.
दिल्ली के हर दरवाजे पर पुलिस का पहरा लगाया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वो सिर्फ पूछताछ कर रहे हैं. किसी को रोक नहीं रहे. किसी को हिरासत में नहीं ले रहे. अफसरों ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि संदिग्ध लोग दिल्ली आ रहे हैं. वो कानून व्यवस्था भंग कर सकते हैं. वो सिर्फ इस सूचना की पुष्टि करने में लगे हैं.
वीडियो: अभिजीत दिपके के प्रदर्शन में ध्रुव राठी की एंट्री, वीडियो में क्या कहा?











